दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले- ‘सनातन धर्म का समर्थक हूं, हिंदुत्व का नहीं’, सावरकर को लेकर कही ये बात

शाजापुर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि वह सनातन धर्म के समर्थक हैं, लेकिन हिंदुत्व का समर्थन नहीं करते। सिंह ने दावा किया कि ‘हिंदुत्व’ शब्द विनायक दामोदर सावरकर ने दिया था और इसका समानता से कोई संबंध नहीं है। शाजापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सनातन धर्म की शिक्षा दी थी, जो प्रेम, स्नेह और करुणा का संदेश देता है।
‘हिंदुत्व का समानता से कोई लेना-देना नहीं’
दिग्विजय सिंह ने कहा, “मैं सनातन धर्म का समर्थन करता हूं, हिंदुत्व का नहीं। हिंदुत्व शब्द सावरकर ने दिया था। हिंदुत्व का समानता से कोई लेना-देना नहीं है।”
अपनी बात रखते हुए सिंह ने कुरान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुरान पढ़ी है। साथ ही दावा किया कि ‘काफिर’ शब्द ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जो किसी धर्म का पालन नहीं करता और ‘अधर्म’ यानी गलत रास्ते पर चलता है।
उज्जैन से शुरू हुई यात्रा अयोध्या में होगी समाप्त
दिग्विजय सिंह इन दिनों अपनी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ के तहत शाजापुर पहुंचे थे। यह यात्रा इसी सप्ताह उज्जैन से शुरू हुई है और अयोध्या में समाप्त होगी। शाजापुर से यात्रा राजगढ़ जिले की ओर आगे बढ़ेगी।
सिंह ने इस यात्रा को गैर-राजनीतिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यदि यह राजनीतिक यात्रा होती, तो इसमें केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही शामिल होते। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि सभी धर्मों के लोग इस यात्रा से जुड़ें।
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ जोड़ना है। इसमें भागीदारी किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित रखने का इरादा नहीं है।



