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मोदी कैबिनेट में TMC बागियों की एंट्री की चर्चा तेज, ममता के करीबी नेताओं को मंत्री बनाए जाने की अटकलें

नई दिल्ली: केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी अटकल सामने आई है। चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए कुछ सांसदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में जगह मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक केंद्र सरकार या एनडीए की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में एनसीपीआई के नेताओं ने दिल्ली में एनडीए नेतृत्व से मुलाकात की थी। बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे संभावित कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।

किन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में?

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एनसीपीआई के दो सांसदों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। चर्चाओं में बंदोपाध्याय और सरकार पूर्वी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि एनडीए में पार्टी की बढ़ती भूमिका को देखते हुए उसे केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।

हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

एनडीए में बढ़ा प्रभाव, बदले राजनीतिक समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों के समर्थन के बाद एनसीपीआई की स्थिति एनडीए में मजबूत हुई है। रविवार को कथित तौर पर 20 सांसदों के एक बागी गुट द्वारा एनडीए को समर्थन देने की घोषणा के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में वरिष्ठ सांसद काकोली घोष की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह बदलाव आने वाले समय में नए समीकरण तैयार कर सकता है।

राज्यसभा में भी बदल सकते हैं समीकरण

राज्यसभा में भी एनडीए की स्थिति और मजबूत होने के संकेत बताए जा रहे हैं। हाल के दिनों में उच्च सदन की कई सीटों पर निर्विरोध चुनाव परिणाम सामने आए हैं, वहीं कुछ सांसदों के इस्तीफों के बाद राजनीतिक गणित को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुखेंदु शेखर और सुष्मिता देव समेत कुछ नेताओं के इस्तीफों के बाद तृणमूल कांग्रेस की संख्या में कमी आने की चर्चा है। हालांकि, आगे और कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा या नहीं, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं की बैठक ने बढ़ाई अटकलें

संभावित कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी सुर्खियों में रही। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इस पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ऐसे में कैबिनेट फेरबदल और नए सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व मिलने की अटकलों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम और संभावित विस्तार पर टिकी हुई है।

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