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लोकसभा में DMK ने कांग्रेस से बनाई दूरी! अलग सीटों को मिली मंजूरी, INDIA गठबंधन की बैठक से भी किया किनारा

नई दिल्ली : लोकसभा में डीएमके और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी अब संसद के भीतर भी दिखाई देने लगी है। डीएमके सांसदों को कांग्रेस से अलग बैठने की अनुमति मिल गई है। बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच पार्टी ने अपने सांसदों के लिए अलग सीटिंग व्यवस्था की मांग की थी, जिसे लोकसभा सचिवालय ने मंजूरी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु की राजनीति में हालिया बदलावों के बाद डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में खटास बढ़ गई है। नई सरकार के गठन के दौरान कांग्रेस के दूसरे राजनीतिक खेमे के साथ जाने के बाद दोनों दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।

एमके स्टालिन की मांग पर बदली व्यवस्था

डीएमके नेतृत्व ने लोकसभा में पार्टी सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की थी। पार्टी का कहना था कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उसके सांसद अब कांग्रेस सांसदों के साथ नहीं बैठना चाहते। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने सीटिंग प्लान में बदलाव को मंजूरी दे दी।

स्पीकर को लिखा गया था पत्र

पार्टी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर बैठने की व्यवस्था में बदलाव का अनुरोध किया गया था। पत्र में बदलते राजनीतिक हालात का हवाला देते हुए डीएमके सांसदों के लिए अलग स्थान निर्धारित करने की मांग की गई थी।

इस बीच पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी। इस फैसले को विपक्षी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तमिलनाडु की राजनीति से बढ़ी तकरार

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु में सरकार गठन के बाद दोनों दलों के रिश्तों में तनाव बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के बावजूद सरकार बनने की प्रक्रिया में कांग्रेस के रुख से डीएमके नाराज बताई जा रही है।

पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के कदम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका आरोप है कि चुनावी साझेदारी के बावजूद कांग्रेस ने ऐसा फैसला लिया, जिससे गठबंधन की भावना को नुकसान पहुंचा।

INDIA गठबंधन के लिए नए संकेत

लोकसभा में अलग सीटिंग व्यवस्था और INDIA गठबंधन की बैठक से दूरी बनाने के फैसले को विपक्षी एकजुटता के लिए बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि आने वाले दिनों में दोनों दलों के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

फिलहाल डीएमके ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह कांग्रेस के साथ अपने संबंधों को लेकर नया राजनीतिक रुख अपना रही है, जिसका असर संसद से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक दिखाई दे सकता है।

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