LNCT समूह पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, भोपाल-इंदौर समेत तीन शहरों में छापे

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश के चर्चित एलएनसीटी (LNCT) समूह से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भोपाल, इंदौर और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा सितंबर 2025 में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। छापेमारी के दौरान विभिन्न परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। एजेंसी इनकी विस्तृत जांच कर रही है।
200 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का मामला
ईओडब्ल्यू की एफआईआर के अनुसार, आस्था फाउंडेशन फॉर एजुकेशन सोसायटी के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं। मामले में समूह से जुड़े मालिकों और अधिकारियों सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
फीस, छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, छात्रों की फीस, छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) और एजुकेशन लोन से जुड़े वित्तीय लेन-देन में कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। आरोप है कि संस्था को मिलने वाली राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया गया।
ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया था कि सोसायटी में कर्मचारियों की संख्या वास्तविक से अधिक दिखाकर वित्तीय रिकॉर्ड तैयार किए गए थे। इसी आधार पर आगे की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
ईडी खंगाल रही डिजिटल साक्ष्य
ईडी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं से प्राप्त धन का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया तथा क्या इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व मौजूद हैं।
LNCT प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
मामले में पक्ष जानने के लिए समूह के प्रमुख लोगों में शामिल अनुपम चौकसे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
ईडी की यह कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता और धन के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



