अटलांटा में 30 और 31 अक्टूबर को जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में होंगे शामिल विदेश मंत्री जयशंकर

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर 30 और 31 अक्टूबर को अमरीका के अटलांटा में आयोजित जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। आज दोपहर नई दिल्ली में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सम्मेलन से इतर विदेश मंत्री क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।
श्री जयशंकर इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। श्री जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री अटलांटा से सेंट जॉन्स, एंटीगुआ और बारबुडा की यात्रा पर जाएंगे। जहां वे 1 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली राष्ट्रमंडल राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। आगामी राष्ट्राध्यक्षों की बैठक का विषय है समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारी और निवेश को गति देना।
G20 का महत्त्व क्या है?
G20 की स्थापना वर्ष 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के लिये वैश्विक आर्थिक एवं वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने हेतु एक मंच के रूप में की गई थी। वर्ष 2007-08 के वित्तीय संकट के बाद G20 को अभिकर्त्ता के स्तर पर पदोन्नत किया गया तथा वर्ष 2009 में इसे वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिये शीर्ष मंच घोषित किया गया। यद्यपि इसकी शुरुआत समष्टि अर्थशास्त्र पर ध्यान केंद्रित करने के साथ हुई थी, परंतु अब इसका एजेंडा व्यापार, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन आदि को भी शामिल करता है।
सदस्यता: इसके सदस्यों में 19 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाएँ और यूरोपीय संघ (EU) एवं अफ्रीकी संघ (AU) शामिल हैं। भारत वर्ष 1999 में G20 का सदस्य बना जब इस समूह की स्थापना हुई थी। अन्य देशों को तदर्थ आधार पर “विशेष अतिथि” के रूप में आमंत्रित किया जा सकता है।
संरचना और प्रशासन: G20 एक घूर्णनशील अध्यक्षता के अधीन संचालित होता है, जिसका वार्षिक शिखर सम्मेलन होता है तथा यह बिना किसी स्थायी सचिवालय के कार्य करता है।
ट्रोइका प्रणाली (वर्तमान, पूर्व और आगामी अध्यक्ष) G20 के कार्यों का प्रबंधन करती है, जिसमें वर्ष 2025 की ट्रोइका में दक्षिण अफ्रीका (वर्तमान), ब्राज़ील (पूर्व) और अमेरिका (2026 का आगामी अध्यक्ष) शामिल हैं।
वैश्विक प्रभाव: वैश्विक जनसंख्या का 67%, विश्व सकल घरेलू उत्पाद का 85% और वैश्विक व्यापार का 75% प्रतिनिधित्व करता है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) और विश्व व्यापार संगठन (WTO) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन तथा कुछ संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं के प्रतिनिधि G20 बैठकों में भाग लेते हैं।



