देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव में आईसीएसई और सीबीएसई के 31 प्रमुख स्कूलों के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक कठिन उस सफलता के शिखर पर लंबे समय तक बने रहना है। उन्होंने विद्यार्थियों से मौलिक सोच विकसित करने, आजीवन सीखने की आदत बनाए रखने और जीवनभर अपने मित्रों का साथ निभाने का संदेश दिया।
31 स्कूलों के 306 मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान
देहरादून के आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, डीआईटी यूनिवर्सिटी और दिव्य हिमगिरि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 306 विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ सम्मान पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा सभी 31 स्कूलों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेस्ट स्कूल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी छात्र की सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उनके पुत्र को दो बार स्कूल टॉपर बनने का सम्मान मिला था, तब उन्हें जो गर्व महसूस हुआ था, वही भावना आज सभी अभिभावकों के मन में होगी।
दोस्ती, मौलिकता और आजीवन सीखने पर दिया जोर

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल या कक्षा में टॉप करना जीवन की शुरुआत है, आगे उन्हें कई बड़े लक्ष्य हासिल करने हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि सफलता मिलने के बाद भी अपने उन दोस्तों का साथ न छोड़ें, जो किसी कारणवश पीछे रह गए हों। उन्होंने कहा कि स्कूल के दिनों में बनने वाली मित्रता जीवनभर सबसे मजबूत रिश्तों में शामिल होती है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में वही लोग आगे बढ़ेंगे, जिनके पास मौलिक सोच होगी। तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन निरंतर सीखते रहने की आदत ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
ज्ञान की गहराई ही सफलता की असली पहचान: कुलपति
डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुराम ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि विद्यार्थी क्या सीखते हैं और कितनी गहराई से ज्ञान अर्जित करते हैं।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की होगी बड़ी भूमिका
आईआईपी के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में आज के मेधावी छात्र ही भविष्य के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
देहरादून को बताया वैज्ञानिक संस्थानों का केंद्र
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून में देश के 30 से अधिक प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान स्थित हैं। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष तक देश की पांचवीं साइंस सिटी भी देहरादून में तैयार होने की उम्मीद है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन संस्थानों का भ्रमण कर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को समझने का आग्रह किया।
शिक्षाविदों ने भी विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम को प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप और दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने स्वागत भाषण देते हुए कॉन्क्लेव की रूपरेखा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान चयनित 31 स्कूलों के परिणामों पर आधारित टॉपर्स कॉन्क्लेव स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल ने किया, जबकि संचालन वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने किया।
31 स्कूलों को मिला बेस्ट स्कूल सम्मान
कार्यक्रम में वाइनबर्ग एलन स्कूल, एन मैरी स्कूल, ब्राइटलैंड्स स्कूल, कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी, सेंट जोसेफ्स एकेडमी, कैम्ब्रियन हॉल, द टोंस ब्रिज स्कूल, दून इंटरनेशनल स्कूल, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, इकोल ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल, कासिगा स्कूल, द एशियन स्कूल, शिक्षणकुर द ग्लोबल स्कूल, बिड़ला ओपन माइंड, कारमैन रेजिडेंशियल एंड डे स्कूल, द दून वैली इंटरनेशनल स्कूल, सनराइज एकेडमी, द पेस्टल वीड स्कूल, सेंट कबीर एकेडमी, चिल्ड्रन्स एकेडमी, वंटेज हॉल गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल, दून डिफेंस एकेडमी, एसएन मेमोरियल पब्लिक स्कूल, एसजीआरआर एजुकेशन मिशन के एसजीआरआर पब्लिक स्कूल्स, ब्रिस्टल पब्लिक स्कूल, द सेपिएंस स्कूल विकासनगर, द सेपिएंस स्कूल हर्बर्टपुर, दून सैनिक स्कूल, द इंडियन पब्लिक स्कूल, हिम ज्योति स्कूल और द मोंटेसरी स्कूल को बेस्ट स्कूल अवॉर्ड प्रदान किया गया।




