
रायपुर: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में बुधवार से ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ (VB-G RAM G) लागू हो गई है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण गरीब परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। योजना का शुभारंभ राज्यभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आधारभूत विकास कार्यों को गति देना है। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल
सरकार ने योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया है। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विकास परियोजनाओं को भी तेजी मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
100 दिन से बढ़कर 125 दिन हुई रोजगार गारंटी
अब तक मनरेगा के तहत पात्र परिवारों को एक वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा।
दैनिक मजदूरी दर में भी हुई बढ़ोतरी
नई ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी दरों में भी वृद्धि की गई है। सरकार ने औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी का प्रावधान किया है। इसके बाद औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है। यह व्यवस्था देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी।
300 रुपये से कम नहीं मिलेगी मजदूरी
सरकार ने योजना के तहत अंतरिम न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की है। इसका मतलब है कि योजना के लाभार्थियों को किसी भी राज्य में 300 रुपये प्रतिदिन से कम भुगतान नहीं किया जाएगा।
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
योजना के लागू होने के बाद लाभार्थियों को तत्काल नया जॉब कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि योजना से न केवल ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी। जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे के निर्माण और रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



