
अलीगढ़ में BJP नेता को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल! अश्लील वीडियो बनाकर पहले 2 लाख वसूले, फिर मांगे 5 लाख; दंपती गिरफ्तार
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भाजपा नेता को कथित हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। बन्नादेवी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए भाजपा नेता से संपर्क किया गया और फ्लैट दिखाने के बहाने उन्हें स्वर्ण जयंती नगर बुलाया गया। यहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ खिलाकर उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। इसके बाद वीडियो वायरल करने और झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रकम मांगी गई।
फ्लैट दिखाने के बहाने शुरू हुआ पूरा खेल
मामला 30 जुलाई का बताया जा रहा है। भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी निधीश कांत भट्ट की शिकायत पर बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, फेसबुक मैसेंजर के जरिए उनकी एक महिला से बातचीत शुरू हुई थी। महिला ने फ्लैट दिखाने के बहाने उन्हें क्वार्सी क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर बुलाया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें साजिश के तहत नशीला पदार्थ खिलाया गया। इसके बाद नशे की हालत में उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। आरोप है कि इसी दौरान उनकी सोने की अंगूठी, चेन और 12 हजार रुपये भी निकाल लिए गए।
पहले 2 लाख रुपये लिए, फिर 5 लाख की मांग
शिकायत के अनुसार, आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने के बाद कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ। वीडियो को वायरल करने और झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पहले दो लाख रुपये लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की।
पुलिस ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार
मामले की जांच के बाद बन्नादेवी पुलिस ने श्रवण कुमार और उसकी पत्नी काजल देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में काजल ने बताया कि अनूप नाम के एक व्यक्ति ने उसे ‘पूजा कुमारी’ के नाम से फेसबुक आईडी बनाकर दी थी। इसी फर्जी पहचान के जरिए लोगों से संपर्क करने और उन्हें कथित तौर पर जाल में फंसाकर रुपये वसूलने की योजना बनाई गई थी।
7 आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, चार मोबाइल फोन के बॉक्स और सात आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद पोको मोबाइल फोन में शिकायतकर्ता से जुड़े नौ वीडियो भी मिले हैं।
पुलिस अब मामले में सामने आए अन्य नामों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही आरोपियों के पुराने मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।



