
नई दिल्ली: असम में बाढ़ (Assam floods) से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। पड़ोसी मुल्क भूटान से आ रहे बाढ़ के पानी और भूस्खलन से सैकड़ो लोग काल के गाल में समा चुके हैं। असम में करीब एक महीने से यह बाढ़ लगातर कहर बरपा रहा है। एएसडीएमए(ASDMA) ने जानकारी देते हुए बताया कि, बाढ़ से असम के पुरे राज्य में 61 राजस्व मंडलों के तहत 2,254 गांव अब भी प्रभावित हैं। करीब 1,91,194 लोगों ने 539 राहत शिविरों में शरण लेकर सुरक्षित बचें हैं। इस पुरे बाढ़ के पानी से 79 सड़कों और 5 पुलों को नुकसान पहुंचा है। लगभग 74,655.89 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है, क्योंकि वे क्षेत्र अब भी पानी में डूबें हैं।
आपको बता दें कि, इस बाढ़ में करीब 2,774 मवेशी पानी की तेज धार में बह गए हैं, जिनका अभी तक कोई पता नही लग सका है। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बीते 24 घंटे में बाढ़ के चलते 8 और लोगों की मौत हो चुकी है। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 134 तक पहुंच गई है। नगांव जिले के जिला उपायुक्त निसर्ग हिवारे ने बताया कि, राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचा रही है। राहत बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
प्रशासन बाढ़ पीड़ितों तक ट्रांसपोर्ट, नाव, हेलीकाप्टर के जरिये राहत सामग्री भेज रही है। मिली जानकारी के अनुसार, असम के 22 जिलों में कुल प्रभावित आबादी घटकर 21.52 लाख हो गई है। इसके पहले यह पिछले दिनों 28 जिलों से अधिक में यह संख्या 22.21 लाख तक पहुंची थी। असम में ज्यादातर नदियों में जल स्तर घट रहा है। लेकिन, नगांव में कोपिली, कछार में बराक और करीमगंज में करीमगंज और कुशियारा नदियां अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं।



