शिक्षा विभाग में हुए करोड़ों के गबन के मामले में एफआईआर के आदेश, पूर्व अफसर भी आएंगे घेरे में, कई खुलासे होंगे

इंदौर : शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए के गबन मामले में आखिरकार कार्रवाई का पहिया घूमता नजर आ रहा है। करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपए के कथित गबन प्रकरण में कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि गबन की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। विभागीय जांच पूरी होने के बाद संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले में क्लर्क, भृत्य और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जिन खातों में रकम पहुंची, उन खाताधारकों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि 2018 से दिसंबर 2025 तक बीईओ इंदौर पद पर रहे पांच शिक्षा अधिकारियों के ओटीपी से ट्रांजेक्शन होने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि इन्हीं अधिकारियों ने संबंधित भृत्य को कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम सौंपा था और लॉगिन आईडी-पासवर्ड तक उपलब्ध कराए थे। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार्रवाई केवल निचले कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या जिम्मेदार अफसरों तक भी पहुंचेगी? फिलहाल कलेक्टर के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज होना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके साथ ही पूरे घोटाले की असली तस्वीर सामने आ सकती है।



