
‘हॉस्टल में नॉनवेज देना क्या जरूरी है?’ लोहिया संस्थान के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन ने उठाए सवाल, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छात्रावासों में सप्ताह में दो दिन परोसे जाने वाले नॉनवेज भोजन पर सवाल खड़े किए हैं। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या छात्रावासों में नॉनवेज देना जरूरी है? इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टल परिसर में फैली गंदगी पर भी नाराजगी जताई और तत्काल सफाई के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्रावासों और संस्थान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष से इस मामले की निगरानी करने को कहा। साथ ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह को 15 दिन के भीतर संस्थान की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि वह स्वयं 15 दिन बाद व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगी।
ऑनलाइन जुड़ीं राज्यपाल, अधिकारियों को दिए निर्देश
स्वास्थ्य कारणों के चलते राज्यपाल समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकीं और उन्होंने जन भवन से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। समारोह में मौजूद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राज्यपाल के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को तत्काल अमल सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
मेडल और डिग्री पाकर खुश नजर आए छात्र
गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित लोहिया संस्थान के तीसरे दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक शोभायात्रा से हुई। विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 26 विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए।
समारोह में डीएम, एमसीएच, एमडी, एमएस, डिप्लोमा, एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के 340 सफल विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने ऑनलाइन माध्यम से सभी विद्यार्थियों को बधाई दी, जबकि संस्थान के निदेशक एवं संकायाध्यक्ष ने नवस्नातकों को शपथ दिलाई।
‘मरीजों में भगवान का स्वरूप देखें’
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल पेशा नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जहां भी सेवा का अवसर मिले, वहां मरीजों में भगवान का स्वरूप देखकर कार्य करना चाहिए। वहीं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने विद्यार्थियों को समर्पण और उत्साह के साथ काम करने की सलाह देते हुए सरकारी सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।
2035 तक दुनिया का हर तीसरा डॉक्टर भारत से होगा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करेगा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2035 तक दुनिया का हर तीसरा डॉक्टर भारत से पढ़कर निकलेगा। उन्होंने बताया कि विश्व चिकित्सा शिक्षा मानकों के तहत देश के सैकड़ों मेडिकल कॉलेज मान्यता प्राप्त कर चुके हैं और हर साल लाखों छात्र चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश ले रहे हैं।
तकनीक के दौर में भी जरूरी है मानवीय संवेदनाएं
डॉ. वेद प्रकाश मिश्र ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते दौर के बावजूद चिकित्सा क्षेत्र केवल मशीनों पर निर्भर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच करुणा, संवेदनशीलता और सहानुभूति का रिश्ता हमेशा चिकित्सा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत रहेगा।
संस्थान ने गिनाईं उपलब्धियां
लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान में एमबीबीएस, नर्सिंग, एमडी-एमएस, डीएम-एमसीएच, डीएनबी, एफएनबी, पैरामेडिकल और पीएचडी समेत विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में 34 विभागों में शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं और वर्ष 2025-26 के दौरान 148 शोध परियोजनाएं तथा 20 क्लीनिकल ट्रायल शुरू किए गए हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र में कुछ पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।



