महावीर अहिंसा मार्ग पर मांस-मदिरा कारोबार बंद करने की मांग तेज, चातुर्मास के बीच जैन समाज ने प्रशासन से की बड़ी अपील

इंदौर: भगवान महावीर के नाम पर स्थापित महावीर अहिंसा मार्ग पर मांसाहार और मदिरा के कारोबार को बंद किए जाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। श्री नाकोड़ा जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय जैन (नाकोड़ा) ने कहा कि इस वर्ष इसी मार्ग पर दिगम्बर परंपरा के आचार्य श्री सुधासागर जी महाराज, आचार्य श्री नित्यसेन जी महाराज तथा स्थानकवासी परंपरा की पूज्य साध्वी श्री कुमुदलता जी महाराज का चातुर्मास आयोजित हो रहा है। ऐसे में यह क्षेत्र जैन समाज के लिए तप, साधना, आराधना और संयम का महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र बन गया है।
अहिंसा के अनुरूप वातावरण बनाने की मांग
अक्षय जैन ने कहा कि जिस मार्ग का नाम भगवान महावीर के अहिंसा के संदेश पर रखा गया है, वहां का वातावरण भी उसी भावना के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति या समुदाय के विरोध का विषय नहीं है, बल्कि अहिंसा, जीवदया और लाखों जैन श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
जैन समाज की संस्थाओं से एकजुट होकर पहल करने का आग्रह
उन्होंने श्वेतांबर जैन महासंघ और दिगम्बर जैन सामाजिक संसद सहित जैन समाज की प्रमुख संस्थाओं से मतभेदों से ऊपर उठकर संयुक्त रूप से शासन और प्रशासन के समक्ष इस मांग को रखने की अपील की। उनका कहना है कि महावीर अहिंसा मार्ग पर अभक्ष्य पदार्थों और मदिरा के व्यापार को लेकर संवेदनशील नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि इस मार्ग की पहचान केवल उसके नाम तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वातावरण भी अहिंसा के मूल्यों को प्रतिबिंबित करे।
जनजागरण अभियान चलाने का भी किया आह्वान
अक्षय जैन ने कहा कि यदि चातुर्मास के पावन अवसर पर समाज संगठित होकर इस दिशा में पहल करता है तो यह केवल एक मार्ग तक सीमित कदम नहीं होगा, बल्कि अहिंसा, जीवदया और धार्मिक संस्कारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। उन्होंने सभी सामाजिक और धार्मिक संगठनों से इस विषय पर सकारात्मक संवाद स्थापित करने और व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का भी आह्वान किया।



