
नई दिल्ली: डायबिटीज आज दुनिया भर में तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल है। इस बीमारी में खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि गलत आहार रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या मधुमेह के मरीज संतरा खा सकते हैं और क्या संतरे का जूस उनके लिए सुरक्षित होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संतरे को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। कुछ लोग मानते हैं कि इसमें प्राकृतिक शर्करा होने के कारण डायबिटीज मरीजों को इससे बचना चाहिए, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि संतरा सीमित मात्रा में मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स बनाता है बेहतर विकल्प
किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद वह रक्त शर्करा को कितनी तेजी से प्रभावित करता है, इसे ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर मापा जाता है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ आमतौर पर रक्त शर्करा को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, संतरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है। यही कारण है कि संतरा नियंत्रित मात्रा में डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर फलों में गिना जाता है।
फाइबर से भरपूर है संतरा
मधुमेह रोगियों के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को लाभकारी माना जाता है। संतरा फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो भोजन के पाचन को धीमा करने और रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
एक सामान्य संतरे में लगभग 4 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जो इसे अन्य कई फलों की तुलना में बेहतर विकल्प बनाता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है संतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, संतरा विटामिन सी, फोलेट, पोटेशियम और विभिन्न एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। ये पोषक तत्व शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत बनाने और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों में बढ़ा हुआ ब्लड शुगर स्तर ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ा सकता है। ऐसे में विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी साबित हो सकते हैं।
संतरा खाएं, लेकिन जूस से बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज मरीजों के लिए पूरा संतरा खाना, संतरे का जूस पीने की तुलना में अधिक फायदेमंद होता है। इसका प्रमुख कारण फाइबर है।
जब संतरे का जूस बनाया जाता है तो उसमें मौजूद अधिकांश फाइबर कम हो जाता है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले कई जूस में अतिरिक्त चीनी भी मिलाई जा सकती है, जिससे रक्त शर्करा तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है।
इसी वजह से विशेषज्ञ आमतौर पर डायबिटीज मरीजों को संतरे का जूस पीने के बजाय पूरा फल खाने की सलाह देते हैं।
मात्रा का ध्यान रखना है जरूरी
हालांकि संतरा पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन किसी भी फल का अत्यधिक सेवन उचित नहीं माना जाता। डायबिटीज मरीजों को अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति, दवाओं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही फलों का सेवन करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय परामर्श के साथ संतरे को डायबिटीज डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।



