उत्तर प्रदेशराज्य

काशी की तर्ज पर बदलेगा लोधेश्वर महादेव धाम, योगी सरकार की 48.79 करोड़ की परियोजना से मिलेगा भव्य स्वरूप

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित प्राचीन लोधेश्वर महादेव धाम को जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग ने करीब 48.79 करोड़ रुपये की समेकित पर्यटन विकास परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

लोधेश्वर महादेव धाम में इस परियोजना के तहत प्रवेश व्यवस्था से लेकर सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। परिसर में हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा, जिसमें कवर्ड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड सेंटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही लैंडस्केपिंग और व्यवस्थित दुकानों का निर्माण भी किया जाएगा। यह पूरा विकास कार्य 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र में किया जा रहा है और इसका निर्माण कार्य सीएंडडीएस द्वारा कराया जा रहा है।

कॉरिडोर, टॉयलेट और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

परियोजना के तहत पांच भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इसके अलावा 2,734 वर्गमीटर क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, 3.25 मीटर चौड़ा और 652 रनिंग मीटर लंबा परकोटा युक्त कवर्ड कॉरिडोर, 412 वर्गमीटर का क्लॉक रूम, पुरुषों और महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय तथा दिव्यांगजनों के लिए चार विशेष शौचालय बनाए जाएंगे। परिसर में पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा कर्मियों के लिए हॉल, नौ दुकानें, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, कंट्रोल रूम, कमांड सेंटर, पेंट्री और मेडिकल सेंटर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा निर्माण

सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के अनुसार भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। वर्तमान में मुख्य भवन की पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य जारी है। परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और अगले वर्ष अक्टूबर तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।

स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप लोधेश्वर महादेव मंदिर को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि भूमि संबंधी बाधाओं के समाधान के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन को भी नई पहचान देगी, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

महाभारत काल से जुड़ी है लोधेश्वर धाम की मान्यता

बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के किनारे स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर प्रदेश के प्रमुख शिव धामों में गिना जाता है। यहां स्थापित शिवलिंग को भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इसी स्थान पर महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद पांडव कूप को माना जाता है। कहा जाता है कि लोधरम नामक ब्राह्मण को भगवान शिव ने स्वप्न में दर्शन देकर शिवलिंग की खोज का संकेत दिया था। यह मंदिर लोधी राजपूत समाज का कुलदेवता स्थल भी माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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