
मायावती ने बुद्ध पूर्णिमा पर दी शुभकामनाएं, बोलीं—‘दया, करुणा और समता को बुद्ध के देश में जीवित रखना जरूरी’
लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर उन्होंने तथागत गौतम बुद्ध के संदेशों और उनके आदर्शों को आज के समय में और अधिक प्रासंगिक बताया।
दया, करुणा और दानशीलता को बनाए रखने पर जोर
मायावती ने कहा कि भारत जैसे बुद्ध के देश में दया, करुणा और दानशीलता जैसे मूल्यों को जीवित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे महात्मा बुद्ध के अनुयायियों की समस्याओं और कठिनाइयों का समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सामाजिक न्याय की भावना मजबूत हो सके।
बुद्ध के विचारों से मिली सामाजिक क्रांति की नींव
बसपा प्रमुख ने कहा कि गौतम बुद्ध ने भारतीय इतिहास को सत्यपरक ज्ञान और मानवीय मूल्यों से समृद्ध किया। उन्होंने उल्लेख किया कि सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे शासकों ने ‘बहुजन हिताय और बहुजन सुखाय’ के सिद्धांत को अपनाकर सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी थी।
बसपा ने समतामूलक समाज की दिशा में किए प्रयास
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी ने अपने शासनकाल के दौरान चार बार सरकार बनाकर बुद्ध के उपदेशों पर आधारित समतामूलक समाज व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का उद्देश्य हमेशा से सामाजिक समानता और न्याय रहा है।
ईमानदार नीयत के साथ ही संभव है बदलाव
अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि महापुरुषों और संतों के प्रति सम्मान व्यक्त करना केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके पीछे नीयत का साफ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि गौतम बुद्ध के जीवन आदर्शों पर वास्तविक रूप से चला जाए, तो भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने की दिशा में ईमानदार प्रयास संभव हैं। बसपा इस दिशा में लगातार संघर्षरत है।



