उत्तर प्रदेशराज्य

14 महीने की बेटी को पड़ोसियों के भरोसे छोड़ गई मां! नकदी-जेवर और गुल्लक का पैसा लेकर प्रेमी संग फरार, पति ने लगाई गुहार

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मझोला थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अपनी 14 महीने की बेटी को पड़ोसियों के पास छोड़कर कथित तौर पर नकदी, जेवरात और बच्ची की गुल्लक में जमा रकम लेकर घर से चली गई। पीड़ित पति ने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

आधार कार्ड ठीक कराने की बात कहकर निकली थी घर से

मामला मझोला थाना क्षेत्र के लाइनपार स्थित हाईडिल कॉलोनी का बताया जा रहा है। पीड़ित आकाश कश्यप के अनुसार, 15 जून 2026 को उनकी पत्नी दीपा घर से यह कहकर निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है। जाते समय वह अपनी एक साल दो महीने की बेटी दृष्टि को पड़ोसियों के पास छोड़ गई थी।

परिजनों के मुताबिक, इसके बाद महिला घर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

नकदी और जेवरात ले जाने का आरोप

आकाश कश्यप ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी घर में रखे नकदी और कीमती जेवरात भी साथ ले गई। उनके अनुसार, अलमारी में रखी चार जोड़ी पाजेब, उनके दिवंगत पिता की अंगूठी और उनकी मां के कुंडल भी गायब मिले।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि महिला बच्ची की गुल्लक भी तोड़कर ले गई, जिसमें परिवार द्वारा जमा किए गए करीब 40 से 45 हजार रुपये रखे थे।

तलाश के दौरान सामने आया नया दावा

पीड़ित पति का कहना है कि पत्नी के गायब होने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में उन्हें पता चला कि वह कथित तौर पर देवेंद्र सैनी नामक व्यक्ति के साथ गई है।

आकाश ने यह भी आरोप लगाया कि घटना वाले दिन उनकी पत्नी के घर एक अज्ञात महिला भी आई थी। उनके मुताबिक, उस महिला के जाने के कुछ ही देर बाद उनकी पत्नी घर से निकल गई, जिससे उन्हें पूरी घटना पूर्व नियोजित होने की आशंका है।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। थाना मझोला पुलिस को मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस संदिग्धों के मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि महिला का पता चलने और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मासूम बच्ची की जिम्मेदारी अब परिवार पर

घटना के बाद 14 महीने की बच्ची फिलहाल अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की देखरेख में है। परिवार का कहना है कि इस घटना से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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