उत्तराखंड

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ बना सीमांत विकास का प्रतीक, मुख्यमंत्री धामी बोले- पर्यटन, रोजगार और आत्मविश्वास को मिलेगी नई ताकत

देहरादून: उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली की नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने पर्यटन, खेल और सीमांत विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। 31 मई से 2 जून तक आयोजित इस विशेष आयोजन के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में नए विश्वास, पर्यटन और रोजगार का मजबूत माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों को देश के अंतिम नहीं बल्कि पहले गांव के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

नीति घाटी में बढ़ा पर्यटन, होम स्टे की संख्या 35 से 450 के पार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के प्रभाव से नीति क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और पलायन की प्रवृत्ति में कमी आई है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले जहां नीति क्षेत्र में केवल 35 होम स्टे संचालित थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है। यह क्षेत्र में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी का प्रमाण है।

11 हजार फीट की ऊंचाई पर युवाओं ने दिखाया दमखम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी का यह जागरण केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और विकास की नई कहानी है।

27 राज्यों के 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना रहा।

विभिन्न श्रेणियों में हुए मुकाबले
आयोजन के तहत 5, 10, 21, 42 और 75 किलोमीटर की विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं को मलारी गांव में आयोजित समारोह में पुरस्कार राशि और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160, 42 किलोमीटर मैराथन में 155, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 तथा 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 1100 से अधिक धावकों ने विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

अंतिम दिन होगा एमटीबी चैलेंज
आयोजन के अंतिम दिन 2 जून को गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

सीमांत क्षेत्रों के विकास को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी, पर्यटन विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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