
राजनांदगांव: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर में किराए पर रहने वाले परिवारों के लिए अपने घर का सपना साकार करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। नगर निगम मोहारा, लखोली, पेंड्री और रेवाड़ीह वार्ड में तैयार किए गए आवासों का आवंटन करेगा। इन क्षेत्रों में कुल 1427 मकान तैयार किए गए हैं, जिनमें से करीब 500 मकान पहले ही आवंटित हो चुके हैं। शेष मकानों को बाजार मूल्य से लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
हितग्राहियों को आर्थिक राहत देने के लिए नगर निगम ने पूरी राशि एकमुश्त जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब आवास की राशि 10 आसान किस्तों में जमा की जा सकेगी। मकान आवंटन के लिए कुल निर्धारित राशि का केवल 10 प्रतिशत जमा करने पर आवास का आवंटन किया जाएगा।
बाजार कीमत से कम दर पर मिलेंगे मकान
नगर निगम की ओर से मोहारा, लखोली, रेवाड़ीह और पेंड्री क्षेत्र में लगभग 400 वर्गफुट क्षेत्रफल के एनबीएचके मकान बनाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन मकानों की बाजार कीमत 6 लाख रुपये से अधिक है, जबकि योजना के तहत इन्हें लागत आधारित और बाजार मूल्य से लगभग आधी दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगर निगम के मुताबिक व्यवस्थापन के तहत अब तक 386 परिवारों को नए आवासों में स्थानांतरित किया जा चुका है, जबकि 236 मकानों का आवंटन किराएदार परिवारों को किया जा चुका है।
834 पात्र आवेदकों को लॉटरी से मिलेगा आवास
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में 1427 बहुमंजिला आवास पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा 503 आवास विभिन्न स्तरों पर निर्माणाधीन हैं। दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद 834 पात्र आवेदकों को निर्धारित राशि जमा कराने के उपरांत परियोजना के नियमों के अनुसार लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटित किए जाएंगे।
अलग-अलग परियोजनाओं के लिए तय की गई आवास लागत
नगर निगम के अनुसार रेवाड़ीह और मोहारा में 340 आवासों के लिए 2,67,971 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। लखोली में निर्माणाधीन 272 आवासों के लिए 2,74,044 रुपये तय किए गए हैं। रेवाड़ीह और पेंड्री में 258 आवासों के लिए 2,91,027 रुपये निर्धारित हैं, जबकि पेंड्री और मोहारा के 870 आवासों के लिए 2,80,115 रुपये की लागत तय की गई है।
किराएदारों को मिलेगी प्राथमिकता
नगर निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने बताया कि व्यवस्थापन के तहत मकानों के आवंटन में किराएदारों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य वर्षों से किराए पर रहने वाले परिवारों को किफायती दर पर अपना स्थायी आवास उपलब्ध कराना है।



