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‘जुल्म और अन्याय की अति हो गई’, मध्य प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, सख्त एक्शन का भरोसा

सीहोर: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा संसदीय क्षेत्र के कोसमी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई में गरीब आदिवासी परिवारों के घर तोड़े गए, फसलें नष्ट हुईं और कुएं मिट्टी से भर दिए गए। चौहान ने इसे ‘जुल्म की पराकाष्ठा’ बताते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का भरोसा दिया।

कोसमी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले शिवराज

कोसमी गांव बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आता है और शिवराज सिंह चौहान के विदिशा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। गांव में हुई कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद चौहान मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

आरोप है कि वन विभाग और जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर परिवारों के मकान गिरा दिए। इससे उनकी फसलें भी मलबे में दब गईं और आजीविका प्रभावित हुई। चौहान के मुताबिक, कुछ महीने पहले भी इस तरह की कार्रवाई की कोशिश हुई थी। उस समय उन्होंने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने की बात कही थी। इसके बावजूद दोबारा कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

‘बच्चों की किलकारियों की जगह चीखें गूंज रही हैं’

मीडिया से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनके क्षेत्र में अन्याय की हद पार कर दी गई है। उन्होंने प्रभावित परिवारों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन घरों में सुबह तक बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब चीख-पुकार है। महिलाओं के रोने और परिवारों के आशियाने उजड़ने का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्रवाई को अमानवीय बताया।

चौहान ने कहा कि परिवारों के घरों के साथ उनकी मेहनत और आजीविका को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी।

मुख्य सचिव को फोन, मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी करेंगे बात

शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने घटनास्थल से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर मामले की जानकारी दी और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन करके घटना से अवगत कराया।

बयान के मुताबिक, चौहान इस मामले को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

पीड़ितों के लिए नए घर और अस्थायी व्यवस्था का भरोसा

चौहान ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी आश्वासन दिया। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए मकान बनवाने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक परिवारों के रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप

इस मामले पर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कार्रवाई से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान के बीच कथित खींचतान का खामियाजा गरीब आदिवासी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

सिंघार ने दावा किया कि कोसमी गांव में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों के मकान तोड़े गए और उनकी फसलें नष्ट की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर कथित खींचतान के कारण इन परिवारों के सामने बेघर होने का संकट पैदा हो गया है।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक खींचतान के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं दी गई है। मामले में बुलडोजर कार्रवाई के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

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