राज्यहरियाणा

हरियाणा में ₹4,000 करोड़ के निवेश का रास्ता खुला, CM नायब सैनी की स्वीडन यात्रा में अहम समझौते; युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

हरियाणा : हरियाणा में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की स्वीडन यात्रा के दौरान राज्य सरकार और स्वीडिश कंपनियों के बीच कुल 4,000 करोड़ रुपये के आशय पत्रों (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार को उम्मीद है कि इन समझौतों से प्रदेश में औद्योगिक विकास, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस यात्रा के दौरान शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।

3,000 करोड़ और 1,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

स्वीडन यात्रा के दौरान हरियाणा सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये के एक बड़े निवेश प्रस्ताव से जुड़े आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, खुदरा कारोबार और भंडारण क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए भी सहमति बनी। इन प्रस्तावों से प्रदेश में आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास, खुदरा कारोबार के विस्तार और माल ढुलाई एवं आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।

गुरुग्राम और स्टॉकहोम के बीच सहयोग समझौता

यात्रा के दौरान गुरुग्राम और स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम के बीच शहर-से-शहर सहयोग समझौता भी हुआ। इसके तहत दोनों शहर तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सिटी समाधान, टिकाऊ शहरी विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच दीर्घकालिक संबंध मजबूत करने के साथ निवेश की संभावनाओं को बढ़ाना है।

हरियाणा के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

हरियाणा और स्वीडन के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। जानकारी के मुताबिक, स्वीडिश कंपनियों ने हरियाणा के कुशल युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, इन अवसरों के तहत कितनी नौकरियां उपलब्ध होंगी, इसका विस्तृत आंकड़ा साझा नहीं किया गया है।

वैश्विक निवेश मानचित्र पर हरियाणा की पहचान मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वीडन की यात्रा वैश्विक निवेश मानचित्र पर हरियाणा की स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्वीडन की उन्नत तकनीक, नवाचार और टिकाऊ विकास के मॉडल को हरियाणा की अर्थव्यवस्था और युवा कार्यबल के साथ जोड़ने पर जोर दिया। सरकार का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।

औद्योगिक विकास और शहरी आधुनिकीकरण को मिलेगी गति

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन समझौतों से रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, निर्यात और शहरी आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। हालांकि, आशय पत्रों पर हस्ताक्षर निवेश की प्रतिबद्धता का शुरुआती चरण हैं। वास्तविक निवेश और रोजगार के नतीजे परियोजनाओं के आगे बढ़ने पर निर्भर करेंगे।

Related Articles

Back to top button