बिहारराज्य

बराबर गुफाओं की बदहाली पर पटना HC सख्त, सरकार को 6 हफ्ते में देना होगा विकास का पूरा खाका

पटना: जहानाबाद स्थित ऐतिहासिक मौर्यकालीन बराबर गुफाओं की बदहाली और श्रावणी मेले के दौरान हुई घटनाओं को लेकर पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने प्रशासन से अगले छह सप्ताह के भीतर बराबर गुफाओं के विकास की विस्तृत योजना पेश करने को कहा है। कोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए ऐतिहासिक धरोहर की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई।

तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व की धरोहर की उपेक्षा पर सवाल

न्यायमूर्ति राजीव रॉय की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान प्रशासन से सवाल किया कि यदि तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व की यह विश्वविख्यात धरोहर देश के किसी दूसरे हिस्से या विदेश में होती, तो क्या इसकी इसी तरह उपेक्षा की जाती? अदालत ने बराबर गुफाओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।

अजंता-एलोरा और सांची का दिया उदाहरण

हाईकोर्ट ने अपने आदेश के पैरा 25 में महाराष्ट्र की अजंता-एलोरा गुफाओं और मध्य प्रदेश के सांची स्तूप का उदाहरण दिया। अदालत ने कहा कि अगर बराबर गुफाओं में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं और उचित देखरेख सुनिश्चित की जाए, तो यह ऐतिहासिक स्थल राजस्व का स्रोत भी बन सकता है।

अदालत ने टिप्पणी की कि दक्षिण भारत, पश्चिम भारत या मध्य प्रदेश में ऐसी धरोहरें होतीं तो उन्हें बड़े राजस्व अर्जन के माध्यम के रूप में विकसित किया गया होता, जबकि बराबर गुफाएं गंभीर उपेक्षा का सामना कर रही हैं।

मेले से मिलने वाले राजस्व के इस्तेमाल पर भी नाराजगी

अदालत ने कहा कि जिला प्रशासन केवल राजस्व और निविदा राशि वसूलने में रुचि दिखाता है, लेकिन उस धन का एक प्रतिशत भी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि मेले से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल क्षेत्र के विकास, स्वच्छता, सुरक्षा और स्थायी आधारभूत ढांचे के निर्माण में किया जाना चाहिए।

2024 के बाद भी नहीं बदली स्थिति

हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2024 में भी बराबर गुफाओं में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। अदालत ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली स्थिति से कोई सबक नहीं लिया गया, जिसके कारण मौर्यकालीन ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा का शिकार बनी हुई है।

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