
तकनीकी दक्षताओं के साथ मजबूत नैतिक मूल्य व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक
RSMT में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम का तीसरा दिन
वाराणसी : राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम के तीसरे दिन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग तथा प्रबंधकीय कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र ‘मानव मूल्य और नैतिकता’ विषय पर आयोजित किया गया। सत्र के वक्ता डॉ. सी.पी. सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, आरएसएमटी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में मानव मूल्यों तथा नैतिकता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तकनीकी एवं प्रबंधकीय दक्षताओं के साथ मजबूत नैतिक मूल्यों का होना विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। सत्र का संयोजन सुजीत सिंह ने किया।

द्वितीय सत्र ‘दैनिक जीवन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साधन’ विषय पर आयोजित किया गया। सत्र के वक्ता संजीव कुमार सिंह, आईबीएम ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन एवं कार्यक्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न साधनों और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। सत्र का संयोजन अनुराग सिंह ने किया। तृतीय सत्र ‘प्रबंधकीय खेलों’ पर आधारित रहा, जिसमें विद्यार्थियों को विभिन्न खेल गतिविधियों के माध्यम से टीमवर्क, नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता, समन्वय एवं समस्या समाधान जैसे प्रबंधकीय कौशलों का अनुभव कराया गया।राष्ट्रीय खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया गया और खेल के महत्व को बताया गया ।सत्र का संयोजन आनंद मोहन पांडेय ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रभारी प्रो. संजय कुमार सिंह ने किया।



