बुमराह के बाहर होने से टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन! श्रीलंका दौरे पर नई गेंद किसे मिलेगी, इन गेंदबाजों पर टिकी सबकी नजर

नई दिल्ली: श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के चलते दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। बाएं घुटने में लगातार बनी परेशानी और अंतिम फिटनेस परीक्षण पास नहीं कर पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें आराम देने का फैसला किया है। उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।
बुमराह की गैरमौजूदगी से बदला गेंदबाजी का पूरा समीकरण
जसप्रीत बुमराह के बाहर होने से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का संतुलन पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ वर्षों में नई गेंद से बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। अब श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन को नई रणनीति के साथ उतरना होगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई गेंद के साथ मोहम्मद सिराज का जोड़ीदार कौन बनेगा।
प्रसिद्ध कृष्णा सबसे आगे, आकिब नबी को भी मिल सकता है मौका
नई गेंद संभालने की दौड़ में प्रसिद्ध कृष्णा सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उनकी लंबी कद-काठी और अतिरिक्त उछाल श्रीलंका की पिचों पर भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यदि भारत तीन तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरता है तो आकिब नबी को भी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए उनके लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया है।
युवा आकिब नबी पर चयनकर्ताओं का भरोसा
हालांकि आकिब नबी के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव नहीं है, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल कर यह संकेत दिया है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को लगातार अवसर दिए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट के पिछले दो सत्रों में 100 से अधिक विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके अलावा इंडिया ए के लिए भी उन्होंने प्रभावी प्रदर्शन किया है।
मोहम्मद सिराज पर होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी
श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं, लेकिन नई गेंद से शुरुआती सफलता दिलाना हमेशा अहम रहता है। ऐसे में मोहम्मद सिराज पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। उन्हें न केवल तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करनी होगी, बल्कि युवा गेंदबाजों का मार्गदर्शन भी करना पड़ेगा। भारत दो तेज गेंदबाजों के साथ खेले या तीन के साथ, सिराज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
कार्यभार प्रबंधन पर भी रहेगा फोकस
टीम प्रबंधन के सामने गेंदबाजों के कार्यभार को संतुलित बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए बुमराह की फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं उठाया गया है। इसी वजह से मेडिकल टीम और चयन समिति ने उन्हें पूरी तरह फिट होने तक आराम देने का फैसला किया है, ताकि वह भविष्य की अहम श्रृंखलाओं में पूरी क्षमता के साथ वापसी कर सकें।
प्लेइंग इलेवन पर रहेंगी सभी की निगाहें
अब सभी की नजर भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन पर टिकी रहेगी। टीम अनुभव को प्राथमिकता देगी या युवा आकिब नबी को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिलेगा, इसका फैसला मुकाबले से पहले होगा। इतना तय है कि बुमराह की अनुपस्थिति ने भारतीय टीम को वैकल्पिक रणनीति अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है और श्रीलंका दौरा युवा तेज गेंदबाजों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच बन सकता है।



