
नई दिल्ली: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में गहरी सांस लेने यानी डीप ब्रीदिंग की आदत अहम भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सरल लेकिन प्रभावी योगिक अभ्यास है, जो शरीर के सेल्यूलर सिस्टम को सक्रिय रखने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।
डीप ब्रीदिंग से कैसे मिलता है फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि गहरी सांस लेने की प्रक्रिया प्राणायाम का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है, जिससे कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और वे अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाती हैं। माना जाता है कि इससे शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत करने में सहायता मिलती है।
लिम्फ सिस्टम की सफाई में मददगार
जानकारों के अनुसार शरीर में मौजूद लिम्फ सिस्टम कोशिकाओं के आसपास मौजूद तरल पदार्थ के संतुलन और सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीप ब्रीदिंग के माध्यम से इस सिस्टम में सुधार होने की संभावना रहती है, जिससे शरीर में मौजूद विषैले तत्वों के निष्कासन की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है।
कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने में प्रभावी
शरीर में हृदय द्वारा पंप किया गया रक्त ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार गहरी सांस लेने से यह प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो जाती है, जिससे कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता है। इससे कोशिकाएं अधिक सक्रिय और मजबूत बनी रहती हैं।
तनाव और चिंता में भी राहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि डीप ब्रीदिंग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकती है। इससे तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलती है, जिससे समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नियमित अभ्यास से मिल सकता है बेहतर परिणाम
विशेषज्ञों की राय है कि डीप ब्रीदिंग को नियमित दिनचर्या में शामिल करने से शरीर की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है और लंबे समय में रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार देखा जा सकता है।



