
लखनऊ, आगरा, वाराणसी समेत कई शहरों की बदलेगी तस्वीर! योगी सरकार का मेगा प्लान, बनेगा हाई-लेवल बोर्ड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को तकनीक और वैश्विक निवेश का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में नई रणनीति तैयार की है। इसी क्रम में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, बुंदेलखंड, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक उच्चस्तरीय ‘जीसीसी सलाहकार बोर्ड’ का गठन करेगी।
सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार के अनुसार प्रस्तावित जीसीसी सलाहकार बोर्ड में सरकार, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों, इन्वेस्ट यूपी और विभिन्न विकास प्राधिकरणों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। यह बोर्ड नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और निवेशकों के फैसलों की प्रक्रिया को तेज करने का काम करेगा।
आईटी नीति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया विस्तार
राज्य सरकार आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति को और मजबूत करने के साथ-साथ डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, डीप-टेक हब और यू-हब के विकास तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। इसी दिशा में जीसीसी समिट 2026 के दौरान तकनीक, नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया।
तकनीकी निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस
प्रमुख सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रगतिशील नीतियों, कुशल मानव संसाधन, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और जवाबदेह प्रशासन के दम पर देश के तेजी से बढ़ते जीसीसी इकोसिस्टम में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार है। सरकार का उद्देश्य अगली पीढ़ी के वैश्विक तकनीकी निवेश को राज्य में आकर्षित करना और तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाएं तैयार करना है।
अब केवल बैक-ऑफिस नहीं, नवाचार के केंद्र बन चुके हैं जीसीसी
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर केवल पारंपरिक बैक-ऑफिस संचालन तक सीमित नहीं हैं। अब ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद नवाचार और वैश्विक रणनीतिक निर्णयों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इसी बदलाव को देखते हुए राज्य सरकार अपनी नीतियों, डिजिटल ढांचे और प्रतिभा विकास तंत्र को लगातार सुदृढ़ कर रही है।
वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी रफ्तार
सरकार का मानना है कि जीसीसी का विस्तार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा। इसके साथ ही वैश्विक कंपनियों के निवेश से राज्य में तकनीकी विकास और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलेगी।
युवाओं के लिए खुलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर
प्रमुख सचिव ने कहा कि देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश का लक्ष्य देश में स्थापित होने वाले नए जीसीसी में कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर नीतियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और नवाचार को बढ़ावा देने वाले वातावरण के कारण वैश्विक कंपनियां राज्य में निवेश बढ़ाएंगी। इससे युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध होंगे।



