पंजाब में दो धमाकों से मचा हड़कंप, BSF और आर्मी कैंप के पास विस्फोट, फारूक अब्दुल्ला बोले– ‘हिंदुस्तान में ब्लास्ट होते रहते हैं, कौन सी नई बात है’

पंजाब में मंगलवार रात हुए दो अलग-अलग धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर राजनीतिक हलकों तक में हलचल मचा दी है। पहले जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर विस्फोट हुआ, और उसके कुछ ही घंटों बाद अमृतसर के खासा इलाके में आर्मी कैंप के पास दूसरा धमाका दर्ज किया गया। इन घटनाओं के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर धमाका, स्कूटी में लगी आग
मंगलवार रात करीब 8 बजे जालंधर जिले में BSF के मुख्यालय के पास एक स्कूटी में अचानक आग लग गई, जिसके बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। बताया जा रहा है कि यह स्कूटी फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय की थी, जो BSF पंजाब फ्रंटियर हेडक्वार्टर के बाहर खड़ी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विस्फोट की आवाज एक किलोमीटर तक सुनी गई। सोशल मीडिया पर सामने आए CCTV फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को पॉलीथिन में लिपटी वस्तु छोड़ते हुए देखा गया है, जिसके तुरंत बाद विस्फोट हो गया। धमाके में स्कूटी पूरी तरह जल गई, जबकि BSF के एक ASI स्प्लिंटर्स लगने से घायल हो गए।
अमृतसर में आर्मी कैंप के पास दूसरा धमाका
जालंधर की घटना के कुछ ही समय बाद अमृतसर के खासा इलाके में स्थित आर्मी कैंप के पास भी धमाका हुआ। हालांकि इस विस्फोट में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार दो धमाकों से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
फारूक अब्दुल्ला का बयान बना चर्चा का विषय
इन घटनाओं पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हिंदुस्तान में ब्लास्ट होते रहते हैं, इसमें कौन सी नई बात है। घबराने की जरूरत नहीं है, ये कोई नई बात नहीं है।” उनके इस बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
विपक्ष ने पंजाब सरकार और केंद्र पर उठाए सवाल
घटनाओं के बाद विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने BSF मुख्यालय के पास हुए धमाके को बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके में ऐसी घटना सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया।
वहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले एक हफ्ते में लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्पष्ट है कि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है।
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
दोनों घटनाओं के बाद पंजाब पुलिस और सेना ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि सबूत जुटाए जा सकें। शुरुआती जांच में मामले को गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।



