
नई दिल्ली: ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति है, जो कई मामलों में जानलेवा साबित हो सकती है। इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कई कारणों में हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली भी शामिल है। धूम्रपान, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकती हैं। दिल्ली के न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बंसल के मुताबिक, कुछ आदतों में बदलाव करके स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
1. धूम्रपान की आदत
सिगरेट, बीड़ी और हुक्का पीने से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इससे धमनियों के संकरा होने और खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ सकता है। धूम्रपान छोड़ना स्ट्रोक सहित कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने की दिशा में अहम कदम है।
2. असंतुलित खानपान
संतृप्त वसा, ट्रांस फैट, अधिक नमक और कोलेस्ट्रॉल वाली चीजों का ज्यादा सेवन मोटापे, उच्च रक्तचाप और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। ये स्थितियां स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ी हैं। इसके बजाय फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
3. शारीरिक गतिविधियों की कमी
लंबे समय तक बैठे रहना और नियमित व्यायाम नहीं करना स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। शारीरिक गतिविधियां वजन को नियंत्रित रखने और रक्तचाप बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं। नियमित रूप से टहलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
4. जरूरत से ज्यादा शराब पीना
अत्यधिक शराब का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और दिल की धड़कन में अनियमितता पैदा कर सकता है। इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शराब से दूरी बनाना या इसका सेवन छोड़



