
दो पत्नियां, एक पति और पंचायत का हैरान करने वाला फैसला! 3-3 दिन का साथ, ₹500 हर हफ्ते और राशन की शर्त ने मचाई चर्चा
रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक पंचायत का फैसला इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। दो पत्नियों और एक पति के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत ने ऐसा समझौता कराया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। पंचायत ने पति की जिम्मेदारियों का पूरा साप्ताहिक कार्यक्रम तय कर दिया। पहली पत्नी को हर सप्ताह 500 रुपये, हर महीने राशन और पति के साथ रहने का निश्चित समय दिया गया, जबकि दूसरी पत्नी के लिए भी अलग व्यवस्था की गई। सप्ताह का एक दिन पति की इच्छा पर छोड़ दिया गया। अब यह फैसला गांव से निकलकर सोशल मीडिया तक तेजी से चर्चा बटोर रहा है।
पुलिस चौकी पहुंचा विवाद, पंचायत में निकला समाधान
मामला रामपुर के दढ़ियाल चौकी क्षेत्र का है, जहां पहली पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति दूसरी पत्नी के साथ रह रहा है और उसके भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी नहीं निभा रहा। इसको लेकर उसने पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से पहले दोनों परिवारों के सदस्य और गांव के जिम्मेदार लोग पंचायत में एकत्र हुए और विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की।
कई घंटे तक चली पंचायत में पहली पत्नी ने आर्थिक तंगी और उपेक्षा की बात रखी, जबकि पति और दूसरे पक्ष ने भी अपना पक्ष रखा। पंचायत के सदस्यों का मानना था कि यदि विवाद लंबा चलता है तो इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा।
हर सप्ताह ₹500 और हर महीने राशन देने का फैसला
लंबी चर्चा के बाद पंचायत ने फैसला सुनाया कि पति पहली पत्नी के घर हर महीने राशन पहुंचाएगा। इसके अलावा उसके व्यक्तिगत खर्च के लिए हर सप्ताह 500 रुपये भी देगा। पंचायत का मानना था कि इससे पहली पत्नी को नियमित आर्थिक सहयोग मिलता रहेगा और पारिवारिक विवाद कम करने में मदद मिलेगी।
सिर्फ आर्थिक जिम्मेदारी तय करने तक ही मामला सीमित नहीं रहा। पंचायत ने पति के रहने का पूरा साप्ताहिक कार्यक्रम भी निर्धारित किया। तय किया गया कि वह सप्ताह में तीन दिन पहली पत्नी के साथ रहेगा, तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ बिताएगा, जबकि सातवां दिन उसकी अपनी इच्छा के अनुसार होगा। यही व्यवस्था अब सबसे अधिक चर्चा का कारण बनी हुई है।
14 साल पहले पहली शादी, फिर 10 साल बाद की दूसरी शादी
जानकारी के अनुसार युवक की पहली शादी करीब 14 वर्ष पहले हुई थी। इसके लगभग 10 साल बाद उसने दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी का आरोप है कि दूसरी शादी के बाद पति ने उसकी उपेक्षा शुरू कर दी। आमतौर पर ऐसे मामले पुलिस या अदालत तक पहुंचते हैं, लेकिन इस विवाद में गांव की पंचायत ने सामाजिक सहमति के आधार पर समाधान निकालने का प्रयास किया।
बताया गया कि पंचायत का यह फैसला किसी कानूनी आदेश के रूप में लागू नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से हुआ एक सामाजिक समझौता है।
दोनों पत्नियों से हैं दो-दो बेटियां
इस परिवार की एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि पति की दोनों शादियों से दो-दो बेटियां हैं। यानी परिवार में कुल चार बेटियां हैं। गांव के लोगों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद का असर बच्चों पर भी पड़ रहा था। इसी वजह से पंचायत ने ऐसा रास्ता निकाला, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव कम किया जा सके।
सोशल मीडिया पर इसलिए बन गया चर्चा का विषय
पंचायत के इस फैसले की सबसे ज्यादा चर्चा दो वजहों से हो रही है। पहली, पहली पत्नी के लिए हर सप्ताह 500 रुपये और हर महीने राशन देने की शर्त। दूसरी, पति के लिए सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहने का तय कार्यक्रम। यही कारण है कि यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इस पर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।



