ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर के तहत मेरठ रेंज में खोली गई 67 नई हिस्ट्रीशीट,773 अपराधी भेजे जेल
पांच हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु हो जाने पर 05 एचएस खाका नष्ट कराया गया
Meerut News: मेरठ रेंज में ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर के तहत यक्ष ऐप पर हिस्ट्रीशीटर्स का शत प्रतिशत डाटा फीड कर दिया गया है। हिस्ट्रीशीटर का सत्यापन अब सब इंस्पेक्टर स्तर से नियमित कराया जाएगा। सक्रिय हिस्ट्रीशीटर पर अब प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन HS (हिस्ट्रीशीटर) के अन्तर्गत मेरठ रेंज के जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत व हापुड़ में जून माह में कुल 6846 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का सत्यापन किया गया। जिसमें 67 नई हिस्ट्रीशीट खोली गई। जबकि पांच हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु हो जाने पर 05 एचएस खाका नष्ट कराया गया। इसी के साथ पांच हिस्ट्रीशीटर की मृत्यु हो जाने पर 05 एचएस खाका नष्ट कराया गया
जनपद मेरठ में 13 हिस्ट्रीशीट खोली
जून माह में मेरठ जनपद में 13 हिस्ट्रीशीट खोली गई। जिसमें जेल में निरूद्ध हिस्ट्रीशीटर की संख्या 268 रही। यक्ष ऐप पर 2584 हिस्ट्रीशीटरों की फीडिंग की गई।
जनपद बुलन्दशहर में 220 हिस्ट्रीशीटर निरूद्ध
जनपद बुलंदशहर में जून माह में 45 हिस्ट्रीशीट खोली गई। 220 हिस्ट्रीशीटर जेल में निरूद्ध किए गए। 2314 हिस्ट्रीशीटरों की यक्ष ऐप पर फीडिंग की गई।
जनपद बागपत में यक्ष ऐप पर 1066 हिस्ट्रीशीटर की फीडिंग
जून माह में 8 हिस्ट्रीशीट खोली गई। 184 हिस्ट्रीशीटर जेल में निरूद्ध किए गए। 1066 हिस्ट्रीशीटरों की यक्ष ऐप पर फीडिंग की गई।
सबसे कम हापुड में खोली गई एक हिस्ट्रीशीट
जनपद हापुड़ में जून माह में मात्र एक हिस्ट्रीशीट खोली गई।जबकि जेल में 101 हिस्ट्रीशीटर निरूद्ध किए गए। 882 हिस्ट्रीशीटरों की यक्ष ऐप पर फीडिंग की गई। डीआईजी कलानिधि नैथाानी ने रेंज के सभी जनपदों को निर्देशित किया कि सब इस्पेक्टर स्तर से हिस्ट्रीशीटर का नियमित सत्यापन कराएं तथा जो हिस्ट्रीशीटर सक्रिय हों उन पर प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही की जाए।
एएसपी को बनाया जाए नोडल अधिकारी
डीआईजी ने कहा कि एडिशनल एसपी को नोडल अधिकारी बनाकर 10 या 10 से अधिक मुकदमें वाले चिन्हित अपराधियों की सक्रियता के अनुसार हिस्ट्रीशीट खोले जाने एवं सात या सात से अधिक मुकदमें वाले अपराधियों को चिन्हित करने तथा सटीक चिन्हीकरण के बाद अपेक्षानुसार सही तादाद में हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए गए हैं। रेंज के समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपदीय पुलिस द्वारा अभियुक्तों के चिन्हीकरण के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोली जाए।
हिस्ट्रीशीटर की यक्ष ऐप पर फीडिंग को लेकर डीआईजी द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।
➡️ प्रत्येक थाना प्रभारी द्वारा हिस्ट्रीशीटरों के डाटा की नियमित समीक्षा एवं सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
➡️ क्षेत्राधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्तर से हिस्ट्रीशीटरों की रेंडम चेकिंग कर डाटा की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाए।
➡️ प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर का माता का नाम, उपनाम, पहचान चिन्ह, जन्मतिथि एवं मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए।
➡️ अपराधी का नवीनतम एवं स्पष्ट फोटोग्राफ, पहचान पत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा अन्य उपलब्ध दस्तावेज यक्ष ऐप पर अपलोड किए जाएं।
➡️ हिस्ट्रीशीटर की सभी जानकारी को शत-प्रतिशत सही एवं अपडेट किया जाए।
➡️ अपराधी के आपराधिक इतिहास में दर्ज FIR नम्बर एवं धाराओं का सही मिलान कर त्रुटियों को दूर किया जाए।
➡️ अपराधी के विरुद्ध हाल में पंजीकृत अभियोगों का विवरण भी यक्ष ऐप में अद्यतन किया जाए।



