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उत्तराखंड में बारिश का रौद्र रूप! हल्द्वानी में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; नदियां उफान पर

देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून की बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने 3 सितंबर को प्रदेश के नौ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण हल्द्वानी में पिछले एक दशक का रिकॉर्ड टूट गया है। यहां 24 घंटे में 166 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश से कोसी और रामगंगा नदियां उफान पर हैं, जबकि गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे जाने और पुलों पर रील बनाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। अल्मोड़ा में एहतियात के तौर पर 12वीं तक के स्कूल बंद रखे गए हैं।

आज इन 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में मौसम खराब रहने के साथ तेज बारिश के दौर आने की आशंका है। अल्मोड़ा में मौसम की स्थिति को देखते हुए आज 12वीं कक्षा तक के स्कूल एहतियातन बंद रखे गए हैं।

पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश

उत्तराखंड के सभी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। देहरादून में बुधवार को अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हल्द्वानी में 166 मिमी बारिश, एक दशक पुराना रिकॉर्ड टूटा

हल्द्वानी में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने सितंबर की बारिश का पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान शहर में 166 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।

सितंबर में इससे पहले इतनी अधिक बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था, जब 154 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वर्ष 2019 में सितंबर के दौरान 129.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एएस नैन के मुताबिक मॉनसूनी बारिश की लहर मंगलवार सुबह से जारी है। लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और तराई क्षेत्र में सिहरन बढ़ गई है। बुधवार को हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

गौला नदी के पुल पर रील बनाई तो होगी कार्रवाई

गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों को नदी के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बुधवार को काठगोदाम और वनभूलपुरा क्षेत्र में गौला नदी के पुलों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुए पुलों पर रील बनाने और मौज-मस्ती करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। काठगोदाम पुलिस ने मुनादी कराकर लोगों को भी सतर्क रहने की चेतावनी दी।

कोसी और रामगंगा नदी उफान पर

अल्मोड़ा में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कोसी और रामगंगा नदी उफान पर हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने और जाने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। कौसानी के धारपानी क्षेत्र से सोमेश्वर होते हुए अल्मोड़ा की ओर आने वाली कोसी नदी में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पानी बह रहा है।

कोसी नदी में सोमवार शाम 5643 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। मंगलवार शाम यह 4717 क्यूसेक रहा, जबकि बुधवार सुबह 2774.50 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। सामान्य तौर पर इस क्षेत्र में नदी का डिस्चार्ज करीब 400 से 700 क्यूसेक रहता है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार को कोसी बैराज का जलस्तर 1127.51 मीटर और तालाब का स्तर 1131.70 मीटर दर्ज किया गया। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 922.100 मीटर पहुंच गया।

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