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हड्डियां कमजोर होने पर शरीर में दिख सकते हैं ये 5 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज; जानें बचाव के तरीके

नई दिल्ली: उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम होना आम माना जाता है, लेकिन आज के समय में कमजोर हड्डियों की समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। जीवनशैली, खानपान और दूसरी वजहों के चलते कम उम्र के लोगों में भी हड्डियों से जुड़ी परेशानी देखने को मिल सकती है। शरीर में होने वाले कुछ बदलाव कमजोर हड्डियों की ओर इशारा कर सकते हैं।

हाइट कम होना

उम्र बढ़ने के साथ लंबाई में थोड़ी कमी आना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर लंबाई में काफी ज्यादा गिरावट हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति में हाइट कम होने की समस्या ज्यादा दिखाई दे सकती है। करीब आधा इंच तक लंबाई कम होना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन अगर लंबाई 2, 3 या 4 इंच तक कम हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बार-बार फ्रैक्चर होना

कमजोर हड्डियां आसानी से टूट सकती हैं। ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े फ्रैक्चर कलाई, कमर, कूल्हे या शरीर की दूसरी हड्डियों में हो सकते हैं। अगर मामूली चोट या सामान्य गतिविधि के दौरान बार-बार फ्रैक्चर हो रहा है तो हड्डियों की जांच कराना जरूरी है।

खड़े होने में परेशानी

अगर बैठने के बाद खड़े होने के लिए बार-बार सहारे की जरूरत पड़ती है, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हड्डियां और मांसपेशियां मिलकर शरीर को सहारा देती हैं। पैरों की मांसपेशियां कमजोर होने पर खड़े होने और चलने में परेशानी हो सकती है, जबकि कमजोर हड्डियों की स्थिति में फ्रैक्चर का जोखिम भी बढ़ सकता है।

कमजोर हड्डियों से बचाव के लिए व्यायाम जरूरी

हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है। रोजाना 15 से 30 मिनट तक चलना, जॉगिंग, योग या एरोबिक्स जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं। हालांकि, अपनी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार व्यायाम का चुनाव करना बेहतर है।

कैल्शियम और विटामिन डी का रखें ध्यान

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है। अपनी जरूरत के मुताबिक कैल्शियम की मात्रा के लिए डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। कैल्शियम की कमी होने पर चिकित्सकीय सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।

विटामिन डी शरीर को कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसलिए पर्याप्त विटामिन डी लेना भी जरूरी है। धूप इसके प्रमुख स्रोतों में शामिल है। विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

डाइट में शामिल करें पोषक चीजें

हड्डियों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। डाइट में ताजे फल और सब्जियां, डेयरी उत्पाद, सैल्मन, अंडे, बादाम और दालों जैसी चीजों को शामिल किया जा सकता है।

जल्दी मेनोपॉज भी हो सकता है संकेत

महिलाओं में कम बोन डेंसिटी और एस्ट्रोजन के स्तर में कमी हड्डियों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। अगर मेनोपॉज सामान्य समय से काफी पहले शुरू हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर बोन डेंसिटी की जांच कराने पर विचार किया जा सकता है। समय पर जांच से हड्डियों की स्थिति का पता लगाने और जरूरत के मुताबिक उपचार या बचाव के कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

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