
‘जहां वर्षों तक फेंका जाता था कूड़ा, वहां बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल’, लखनऊ में CM योगी ने गिनाईं विकास योजनाएं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में 413 करोड़ रुपये की 342 लोक कल्याणकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन जगहों पर वर्षों तक कूड़ा फेंका जाता था, वहां आज आधुनिक और प्रेरणादायक स्थल तैयार किए गए हैं।
जुपिटर हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में एक ऐसी जगह पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ बनाया गया है, जहां तीन दशक से अधिक समय तक कूड़ा डाला जाता था। उन्होंने कहा कि आज वही स्थान एक भव्य केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है, जहां बड़ी रैलियां आयोजित की जा सकती हैं और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंच तथा म्यूजियम भी मौजूद है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमा भी स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए आवाज उठाई थी और कहा था कि एक देश में दो प्रधानमंत्री, दो संविधान और दो झंडे नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश ने उस लक्ष्य को हासिल कर लिया है।
‘गरीबों तक पहुंचीं कल्याणकारी योजनाएं’
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार की आवास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रही है।
इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले गरीबों के लिए आवास की व्यवस्था नहीं थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 17 लाख गरीबों को मकान उपलब्ध कराए, जबकि ग्रामीण इलाकों में 65 लाख आवास दिए गए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ देते समय सरकार ने किसी व्यक्ति का चेहरा, जाति, क्षेत्र, मत या मजहब नहीं देखा। सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवाओं को केंद्र में रखकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया।
‘सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति का विकास जरूरी’
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति का सही आकलन समाज के शीर्ष पर बैठे लोगों से नहीं, बल्कि सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्थिति से होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी सोच के साथ समावेशी विकास को आगे बढ़ा रही है और शहरी निकायों के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।



