अद्धयात्म
इस्लामिक माह रबि उल अव्वल शुरू, 24 दिसंबर को बारावफात

इस्लामिक वर्ष 1437 का तीसरा माह रबि उल अव्वल प्रारंभ हो गया है। सेंटर हिलाल कमेटी के कन्वीनर चीफ काजी खालिद उस्मानी ने चांद दिखाई देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रबि उल अव्वल की 12 तारीख 24 दिसंबर को बारावफात होगी।बारावफात पैगंबर मुहम्मद साहब (सल्ल.) के दुनिया से रुख्सत होने का दिन है। इस दिन लोग नमाज पढ़ते हैं और पैगंबर साहब के आदर्शों को याद करते हैं। पैगंबर मुहम्मद पूरी दुनिया के लिए अल्लाह की ओर से रहमत और बरकत बनाकर भेजे गए थे।
उन्होंने लोगों को सच्चाई, भलाई, नेकी, सेवा और भाईचारे की शिक्षा दी। कहा जाता है कि रुख्सत से पहले पैगंबर साहब बारह दिनों तक अस्वस्थ रहे। इसके बाद उनका इंतकाल हो गया था, इसलिए उनकी याद में बारावफात मनाया जाता है।
यह दिन इबादत, दान-पुण्य, भलाई और पैगंबर साहब की बताई नेकियों पर मनन करने और उन्हें जीवन में उतारने का दिन है। इस मौके पर लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ते हैं और दुआएं मांगते हैं।



