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ऊर्जा संरक्षण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आंगन’ शुरू

नई दिल्ली : विद्युत मंत्रालय के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की ओर से भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा संरक्षण के लिए तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन “अगमेंटिंग नेचर बाई ग्रीन अफोर्डेबल न्यू हैबिटैट” (आंगन) में साेमवार को विशेषज्ञाें ने राय जाहिर की भविष्य में ऊर्जा के साधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना होगा। राजधानी में आज से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन बेहतर तकनीकों से ऊर्जा संरक्षण के लिए संगठनों को आपस में चर्चा कराने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से यही राय जाहिर की है कि भविष्य में ऊर्जा के साधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना होगा। इसमें कहा गया है कि उपभोक्ताओं को उचित कीमत में पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए बड़ी-बड़ी इमारतों, होटलों और अस्पतालों जैसे उच्च ऊर्जा खपत वाले क्षेत्रोंं में ऊर्जा संरक्षण पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

इस सम्मेलन में 16 देशों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और नीति निर्माता भाग ले रहे हैं और इसमें वाणिज्यिक तथा आवासीय भवनों को ऊर्जा कुशल बनाने के लिए इमारतों के डिजाइन के साथ साथ तकनीकी विकल्पों भी गौर किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार निर्माण क्षेत्र को ऊर्जा कुशल बनाने के लिए अगर 200 अरब रुपए का निवेश किया जाए तो अगले 10 वर्षों में 388 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी। इसमें ऊर्जा की बचत के अलावा जल संसाधन की बचत पर भी जोर दिया जाएगा ताकि आम लोगों को भविष्य में ऊर्जा और पानी के संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया जा सके। गाैरतलब है कि ऊर्जा दक्षता ब्यूरो केन्द्र सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है जिसका मिशन ऐसी नीतियों तथा विकल्पों का विकास करने में सहायता देना है जो ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में कारगर हैं।

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