गजब! यहां रावण के पुतले बना रहे मुसलमान, नमाज अदा कर हिंदू

दस्तक टाइम्स/एजेंसी- हिमाचल प्रदेश : देश में फैले धार्मिक उन्माद के बीच सहारनपुर के तीन कारीगर और हिमाचल के सिरमौर के शाही महल के ‘युवराज’ लक्ष्यराज धार्मिक एकता और अखंडता का संदेश दे रहे हैं। सहारनपुर के गुलफाम अहमद, दानिश और सद्दाम नाहन के चौगान मैदान में दशहरे के दिन जलाए जाने वाले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले अपने हाथों से तैयार कर रहे हैं।
खास बात यह है कि ये तीनों कारीगर सहारनपुर के उसी क्षेत्र से संबंध रखते हैं, जहां के कथित गो तस्कर को पिछले दिनों मौत के घाट उतार दिया गया था। बावजूद ये तीनों कारीगर बिना किसी खौफ के अपनी कारीगरी के जरिये लोगों को एक करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजघराने की यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरा किया जा रहा है। राजेंद्र प्रकाश ने 1934 में गद्दी संभाली थी, तब से लेकर आज तक नवरात्रों के दौरान शाही महल नाहन के वंशज नवरात्र के मौके पर नाहन की मस्जिद, गुरुद्वारा एवं कालीस्थान मंदिर पहुंचकर सभी धर्मों के लिए सुख शांति की कामना करते हैं।
गो तस्कर के आरोपी की मौत के बाद तनाव
जामन की सेर में पांच गायों और 10 बैल से भरे ट्रक सहित सहारनपुर के पांच कथित पशु तस्करों को पकड़ा गया था। इसी बीच उग्र भीड़ ने इनमें से एक को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के बाद जिले सहित पूरे प्रदेश में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
धार्मिक एकता का प्रतीक है नाहन : अजय बहादुर
शाही महल नाहन से जुड़े कंवर अजय बहादुर ने कहा कि नाहन शहर धार्मिक 200 वर्ष से अधिक समय से एकता, अखंडता एवं भाईचारे के लिए जाना जाता है। यहां मुसलमान जगन्नाथ यात्रा का स्वागत करते हैं तो हिंदू लोग ईद, मुहर्रम एवं ताजिया के समय उन्हें मुबारकबाद देते हैं।
