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जानिए, कैसे छह महीने महकेगा कश्मीर का ये गार्डन

जम्मू एवं कश्मीर: tulip-garden-55237846ab273_exlstपिछले साल कश्मीर में आई बाढ़ के बाद खराब मौसम की मार झेलने वाला कश्मीर का ट्यूलिप गार्डन इस बार नए कलेवर और फलेवर में महकेगा। पहली बार ट्यूलिप गार्डन में छह महीने रौनक रहेगी।

आमतौर पर यह गार्डन सिर्फ एक महीने ही फूलों से महकता है, लेकिन इस साल पूरे छह महीने महक के साथ देशभर के पर्यटकों को खींचने की योजना बनाई गई है।

गार्डन में हर साल लगाए जाने वाले दस लाख ट्यूलिप फूलों के साथ अन्य किस्मों के फूल भी लगाए जाएंगे, जो छह महीने तक गार्डन की रौनक बनाए रखेंगे।

राज्य बागवानी विभाग की ओर से गार्डन में ट्यूलिप के बल्ब लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। पांच महीने के बाद इसके बल्ब फूलों में तब्दील होंगे।

विभाग के कश्मीर संभाग के निदेशक तलत परवेज ने बताया कि दस लाख ट्यूलिप बल्ब गार्डन में लगाए जाएंगे। पिछले साल आठ लाख बल्ब लगाए गए थे। इसका काम शुरू कर दिया गया है। नवंबर में ट्यूलिप के बल्ब लगाने का काम शुरू किया जाता है।

इसके बाद मार्च तक इसकी देखरेख की जाती है। अप्रैल में ट्यूलिप की खूबसूरती चरम पर होती है। हालांकि, सिर्फ 20 से 25 दिन तक ट्यूलिप का फूल खिला रहता है, इसके बाद मुरझा जाता है।

इस बार विभाग ट्यूलिप के अलावा लीलियम और कुछ अन्य किस्मों (ट्यूलिप की ही तरह) लगाएगा। गार्डन के दस फीसदी अतिरिक्त क्षेत्र में यह लगाए जाएंगे।

परवेज का कहना है कि कश्मीर में पर्यटक पूरे पीक सीजन के दौरान आते हैं। विभाग चाहता है कि गार्डन में इस दौरान पर्यटक पहुंचें, इसलिए अन्य किस्म के फूल भी लगाए जा रहे हैं।

वर्ष 2008 में ट्यूलिप गार्डन को तैयार किया गया था। इस पर चार करोड़ रुपये तक खर्च किए गए। इसके बाद लगातार हर साल यह गार्डन तैयार होता रहा। पिछले साल कश्मीर में बाढ़ आने की वजह से गार्डन का कुछेक हिस्सा ही लगाया जा सका।

जहां ट्यूलिप लगाया गया, वहां भी खराब मौसम की मार पड़ी। बाढ़ के बाद भी कश्मीर में लगातार मौसम खराब रहने से गार्डन में कीचड़ बना रहा। इसकी वजह से यह पूरी तरह से खिल नहीं सका।

 

 

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