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जानिए कौन हैं बॉक्सर लवलीना, जिसने टोक्यो ओलंपिक में रचा इतिहास

भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन ने टोक्यो ओलंपिक के 69 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इस मुक्केबाज ने देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। कुकुगिकान एरेना में लवलीना का सामना ताइवान की नेन चिन चेन से हुआ, जहां वह 4-1 से विजयी रहीं।

23 साल की उम्र में भारत का एक युवा जहां नौकरी की तलाश करता हुआ नजर आता है या फिर आगे की पढ़ाई के बारे में सोचता है, लेकिन इस उम्र की असम की एक लड़की 23 जुलाई से होने वाले ओलंपिक खेलों में भाग लेगी। कुछ ही समय पहले असम की बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था और अब अपने डेब्यू ओलंपिक में पदक की उम्मीद लगाई है।

2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट जिले में जन्मीं लवलीना बोरगोहेन असम से पहली ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिसने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। वह शिव थापा के बाद राज्य की दूसरी मुक्केबाज़ हैं, जो देश का प्रतिनिधित्व करती हैं। बता दें कि शानदार प्रदर्शन के दम पर लवलीना बोरगोहेन ने 2020 में अर्जुन अवॉर्ड हासिल किया था और वे ऐसा करने वाली असम की छठी व्यक्ति बनी थीं।

बता दें कि लवलीना बोरगोहेन की बड़ी जुड़वां बहनें लिचा और लीमा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर किकबॉक्सिंग खेली है, लेकिन वे अपने खेल को जारी नहीं रख सकीं। यहां तक कि लवलीना बोरगोहेन ने भी अपना करियर एक किकबॉक्सर के तौर पर शुरू किया था, लेकिन बाद में मौका मिलने पर मुक्केबाजी में उन्होंने हाथ आजमाया और सफलता मिलती चली गई। लवलीना बोरगोहेन ने अब तक कई पदक अपने नाम किए हैं।

लवलीना बोरगोहेन वेल्टरवेट वर्ग में साल 2018 और 2019 में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। एशियन चैंपियनशिप में 2017 में और फिर 2021 में उन्होंने वेल्टवेट वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया है। इसके अलावा दिल्ली में पहली बार आयोजित हुई भारतीय ओपन अंतराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया था। वहीं, गुवाहाटी में हुए द्वितीय भारतीय ओपन अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट में रजत पदक अपने नाम किया था। 69कि०ग्रा० वर्ग में लवलीना बोरगोहेन ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है।

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