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बाढ़ की स्थिति अब भी भयावह, लाखों प्रभावित

bal floodलखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति कई स्थानों पर अब भी भयावह बनी हुई है और सैंकड़ों गांवों की लाखों की आबादी बेहद दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर है। कुछ स्थानों पर पानी घटने से कटाव के खतरे के रूप में नयी मुसीबत सामने आ रही है। बहराइच से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 220 गांवों के 1206 मजरों (उपग्रामों) की तीन लाख 80 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा राहत बल (एनडीआरएफ), बाढ़ पीएसी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), पुलिस, राजस्वकर्मी तथा समाजसेवी संगठनों की मदद से राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है। उधर, श्रावस्ती में भिनगा तथा इकौना तहसीलों में 100 से ज्यादा गांवों में करीब 60 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। करीब 28 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ पीएसी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), पुलिस, राजस्वकर्मी तथा समाजसेवी संगठनों की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है। लखीमपुर खीरी से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक निघासन तहसील में मोहाना नदी और धौरहरा में घाघरा नदी की बाढ़ का असर बना हुआ है। निघासन के तटवर्ती करीब एक दर्जन गांवों में पानी भरा हुआ है। बाढ़ की वजह से अनेक सड़कें टूट गयी हैं जिससे आवागमन जल्द शुरू होने की उम्मीद नजर नहीं आती है। हालांकि नदियों का जलस्तर कम हुआ है लेकिन इससे अनेक स्थानों पर कटाव का खतरा पैदा हो गया है। नदी के तटों के पास बने गांवों के अनेक घर कटान के कारण नदी में समा जाने की कगार पर हैं।

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