सत्य निकेतन हादसा: PG ऑपरेटर सुधांशु गिरफ्तार, लीज से लेकर मरम्मत तक सामने आई बिल्डिंग की पूरी कहानी

नई दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में PG ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अगस्त 2025 में बिल्डिंग को लीज पर लेकर ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी चलाया जा रहा था।
सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच आगे बढ़ रही है और पूछताछ के दौरान बिल्डिंग से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि अगस्त 2025 में यह इमारत दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दी गई थी। दोनों मिलकर ‘हॉस्टल डेज’ नाम से इस इमारत में पीजी का संचालन कर रहे थे।
बेसमेंट में मरम्मत करा रहा ठेकेदार भी गिरफ्तार
इससे पहले दक्षिण पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत में मरम्मत कार्य करा रहे ठेकेदार को भी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित यह पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच लोग घायल हुए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि पिछले 8 से 10 दिनों से बारिश के कारण इमारत के बेसमेंट में कचरा जमा हो रहा था। इसी वजह से वहां सफाई और मरम्मत का काम कराया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, बेसमेंट में व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने का काम भी किया जा रहा था।
गुप्ता परिवार पर भी पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, उनके पति और वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच के दौरान महेश ने पुलिस को बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। परिवार ने अगस्त 2025 में यह इमारत पीजी संचालक ‘हॉस्टल डेज’ को पट्टे पर दी थी।
हादसे के बाद राजस्थान में छिपा था परिवार
पुलिस के मुताबिक, रविवार को स्थानीय लोगों से इमारत गिरने की जानकारी मिलने के बाद गुप्ता परिवार अपना घर छोड़कर राजस्थान के भिवाड़ी में रिश्तेदार के यहां चला गया था।
इससे पहले दिल्ली की अदालत ने सोमवार रात गुप्ता दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।



