अद्धयात्मअन्तर्राष्ट्रीयजीवनशैली

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जाने भारत में इसकी धार्मिक मान्यता क्यों नही?

नई दिल्ली : आज इस साल का सबसे आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा। भारत के समय अनुसार यह ग्रहण दोपहर 1 बजे लगेगा। जबकि भारत में सूर्य ग्रहण के दृश्य नही होने के कारण इसकी धार्मिक मान्यता नही है| वहीं गोचरीय दृष्टि से महत्त्व अवश्य बना रहेगा। वहीं सूर्य ,चन्द्र ,बुध तथा राहु का संचरण कर्क राशि मे होगा, तथा वक्री मंगल एवं केतु का संचरण शनि की राशि मकर में हो रहा है । इस प्रकार चन्द्र ,सूर्य ,बुध ,मंगल के राहु -केतु के प्रभाव में होने के कारण इसका प्रभाव राशियों पर रहेगा।

सूर्य-ग्रहण के समय राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव| मेष : गृह एवं वाहन सुख में कमी ,घबराहट ,सीने की तकलीफ माता एवं भाई को कष्ट। वृष : पराक्रम वृद्धि,धार्मिक कार्यो पर खर्च,गृह एवं वाहन सम्बंधित तनाव ,आंतरिक शत्रुओं में वृद्धि। पिता एवं माता को कष्ट। मिथुन: मन अशान्त ,धन हानि ,चोट या आपरेशन ,शत्रु विजय ,गृह एवं वाहन सुख वृद्धि। कर्क: स्वास्थ्यगत समस्या ,अकारण तनाव,धन,सम्मान एवं नौकरी में वृद्धि ,विद्या वृद्धि,शत्रु विजय। दाम्पत्य में अवरोध व भाई को कष्ट। सिंह: गृह एवं वाहन सुख वृद्धि ,मनोबल एवं स्वास्थ्य अचानक कमजोर ,धनागम एवं खर्च वृद्धि ,आँख एवं पैर की समस्या ,मुकदमा या विवाद। कन्या: दाम्पत्य सुख वृद्धि ,स्वास्थ्यगत समस्या ,पराक्रम वृद्धि ,विद्या में अवरोध ,आय के साधनों में वृद्धि, घबड़ाहट, माता को कष्ट। तुला: धन वृद्धि ,सीने की तकलीफ, पराक्रम वृद्धि ,क्रोध में वृद्धि परिश्रम में अवरोध। वृश्चिक: मनोबल एवं स्वास्थ्य में तीव्र उतार-चढ़ाव ,धन वृद्धि एवं खर्च वृद्धि ,विद्या एवं भाग्य में अवरोध ,पराक्रम वृद्धि। धनु: धनागम के नए स्रोत में अवरोध के साथ सफलता,पैर में चोट या दर्द ,विद्या वृद्धि, पेट एवं पेशाब संबंधित समस्या ,पिता को कष्ट।
मकर: मन अशान्त एवं तनाव ग्रस्त ,दाम्पत्य एवं सम्मान में अवरोध ,पत्नी या प्रेमिका को कष्ट,वरिष्ठ अधिकारियों एवं लोगो से मतभेद, आलस्य,आय में वृद्धि। कुम्भ: शत्रु विजय,व्यक्तित्व में वृद्धि,सम्मान में वृद्धि,आँख की दिक्कत,राजनीतिक लाभ ,आन्तरिक डर,खर्च वृद्धि। मीन: विद्या में अवरोध, भाग्य का साथ,पराक्रम एवं सम्मान में वृद्धि ,आय में अवरोध ,पेट एवं पेशाब की समस्या,प्रतियोगिता में अवरोध।

Related Articles

Back to top button