नवरात्रि में माता के 108 नामों का जाप करें, दूर होंगे हर कष्ट
मां दुर्गा के कई रूप हैं। नवरात्रि में कई भक्तगण समय की कमी के चलते दुर्गा पाठ नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ज्योतिषियों के अनुसार अगर आपको अपनी व्यस्तताओं के चलते मां की आराधना वक्त नहीं मिल पा रहा है तो मां के 108 नामों का जाप जरूर करें। नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नाम का जाप करने से माता आपके हर कष्ट को हर लेंगी।
धर्मगुरुओं की मानें तो सुबह और शाम इन नामों का उच्चारण करना चाहिए। कहा जाता है कि हर नाम का उच्चारण करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा करने से माता रानी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।
मां दुर्गा के 108 नाम
सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्या, त्रिनेत्रा, शूलधारिणी, पिनाकधारिणी, चित्रा, चंद्रघंटा, महातपा, बुद्धि, अहंकारा, चित्तरूपा, चिता, चिति, सर्वमंत्रमयी, सत्ता, सत्यानंदस्वरुपिणी, अनंता, भाविनी, भव्या, अभव्या, सदागति, शाम्भवी, देवमाता, चिंता, रत्नप्रिया, सर्वविद्या, दक्षकन्या, दक्षयज्ञविनाशिनी, अपर्णा, अनेकवर्णा, पाटला, पाटलावती, पट्टाम्बरपरिधाना, कलमंजरीरंजिनी, अमेयविक्रमा, क्रूरा, सुन्दरी, सुरसुन्दरी, वनदुर्गा, मातंगी, मतंगमुनिपूजिता, ब्राह्मी, माहेश्वरी, एंद्री, कौमारी, वैष्णवी, चामुंडा, वाराही, लक्ष्मी, पुरुषाकृति, विमला, उत्कर्षिनी, ज्ञाना, क्रिया, नित्या, बुद्धिदा, बहुला, बहुलप्रिया, सर्ववाहनवाहना, निशुंभशुंभहननी, महिषासुरमर्दिनी, मधुकैटभहंत्री, चंडमुंडविनाशिनी, सर्वसुरविनाशा, सर्वदानवघातिनी, सर्वशास्त्रमयी, सत्या, सर्वास्त्रधारिनी, अनेकशस्त्रहस्ता, अनेकास्त्रधारिनी, कुमारी, एककन्या, कैशोरी, युवती, यति, अप्रौढ़ा, प्रौढ़ा, वृद्धमाता, बलप्रदा, महोदरी, मुक्तकेशी, घोररूपा, महाबला, अग्निज्वाला, रौद्रमुखी, कालरात्रि, तपस्विनी, नारायणी, भद्रकाली, विष्णुमाया, जलोदरी, शिवदुती, कराली, अनंता, परमेश्वरी, कात्यायनी, सावित्री, प्रत्यक्षा, ब्रह्मावादिनी।