प्रधानमंत्री मोदी से चीन के राष्ट्रपति ने की मुलाकात, सीमा समेत कई मुद्दों पर अहम बात
नई दिल्ली : अफ्रीकी देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा अंतिम चरण में है। गुरुवार को प्रधानमंत्री ने 10वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया और इसे संबोधित भी किया। ब्रिक्स देशों की बैठक से इतर प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जोहान्सबर्ग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता भी की। हाल के दिनों में हुई ये तीन बड़े देशों की दूसरी मुलाकात है, कुछ ही महीने पहले मोदी रूस और चीन की यात्रा पर गए थे। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स बैठक के बाद चीनी राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने बॉर्डर की स्थिति पर विस्तृत रूप से बात की और ये तय किया कि दोनों देशों की सेनाओं को सीमा पर शांति बनाने की कोशिश करनी चाहिए, इसके अलावा पीएम ने भारत की ओर से निर्यात का मुद्दा भी उठाया।
भारत चीन से काफी मात्रा में आयात करता है लेकिन निर्यात की मात्रा कम है, मोदी सरकार इस अंतर को कम करना चाहती है, आने वाले 1-2 अगस्त को भारत का एक डेलिगेशन इस मसले पर बात करने चीन जाएगा। ज्ञात है कि इसी साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक इन्फॉर्मल समिट के तहत चीन गए थे। चीन के वुआन में दोनों देशों के सर्वोच्च नेताओं ने कई मसलों पर बात की थी, ये मुलाकात बिना किसी एजेंडे की थी, यही कारण रहा कि दोनों देशों ने हर मुद्दे पर बिना झिझक के अपनी बात रखी। जिनपिंग से मुलाकात के दौरन भी प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के रिश्तों पर बात की। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिले। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सोची यात्रा के दौरान जिस तरह उन्होंने उनका स्वागत किया था, वह उनके शुक्रगुजार हैं। मोदी और पुतिन ने एक दूसरे को भरोसा दिलाया कि दोनों देश भविष्य में भी साथ मिलकर काम करेंगे। गौरतलब है कि चीन यात्रा की तर्ज पर प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के सोची की यात्रा की थी और इन्फॉर्मल समिट में हिस्सा लिया था।
इससे पहले गुरुवार सुबह ब्रिक्स देशों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अपना एजेंडा सभी देशों के सामने रखा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को और बेहतर बनाने में औद्योगिक, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास तथा बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर बल दिया। मोदी ने जोहानिसबर्ग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि दुनिया में विकसित की जा रही नई औद्योगिक प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क के डिजिटल तरीके हमारे लिए अवसर भी हैं और चुनौती भी। दक्षिण अफ्रीका दूसरी बार ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों, अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा, वैश्विक शासन और व्यापार संबंधी मुद्दों समेत कई मामलों पर चर्चा हुई। इस दौरान पीएम ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत ब्रिक्स के कई अन्य नेताओं से मुलाकात की। ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।