
पहले हिसाब से भागती थीं सरकारें, अब जनता के बीच रिपोर्ट कार्ड : रवीन्द्र जायसवाल
काशी में विकास की गंगा : 9 साल में 35 हजार करोड़ के काम
पहले सिर्फ वादे, अब धरातल पर विकास, वादों से आगे बढ़कर काम, गुंडाराज से गुड गवर्नेंस तक : नौ साल में बदली काशी की पहचान, कानून-व्यवस्था से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक बड़ा बदलाव, सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन हर क्षेत्र में तेजी, अब काशी में विकास दिखता है, पहले सिर्फ सुनाई देता था
–सुरेश गांधी
वाराणसी : यह सिर्फ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि बदलती राजनीति की एक स्पष्ट तस्वीर थी, जहां सरकारें अब काम छिपाने के बजाय गिनाने लगी हैं। उत्तर प्रदेश के स्टाम्प शुल्क, पंजीयन एवं रजिस्ट्रेशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ वर्ष पूरे होने पर बुधवार को चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर इन उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल अपनी सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को सहेज रहा है, बल्कि आधुनिक विकास के नए आयाम भी स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में विकास कार्यों की गति और व्यापकता इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
काशी के विकास का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए उन्होंने साफ कहा, “पहले की सरकारें जवाबदेही से बचती थीं, अब जनता के बीच आकर हर काम का हिसाब दिया जा रहा है।” मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, काशी में हुआ विकास इस बात का प्रमाण है कि जब नीयत, नीति और नेतृत्व स्पष्ट हो, तो बदलाव केवल दावा नहीं, हकीकत बन जाता है। नौ वर्षों का यह सफर काशी को उस मुकाम पर ले आया है, जहां वह आस्था के साथ आधुनिकता का प्रतीक बनकर उभर रही है, और यही “नए भारत” की सबसे बड़ी पहचान भी है। यह एक परिवर्तनकारी यात्रा है, जहां आध्यात्मिक नगरी आधुनिकता के साथ कदमताल कर रही है। “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” का सपना काशी में साकार होता दिख रहा है।
जवाबदेही बनाम पुरानी राजनीति
मंत्री ने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले योजनाएं कागजों में बनती थीं और जमीन पर उनका असर दिखाई नहीं देता था। जनता यह जानना चाहती थी कि वादों का क्या हुआ, लेकिन जवाब देने की परंपरा ही नहीं थी। इसके उलट आज सरकार खुद जनता के बीच जाकर यह बता रही है कि क्या वादा किया, कितना पूरा किया और आगे क्या करने जा रही है। यही बदलाव “न्यू पॉलिटिक्स” की पहचान बन रहा है।
35,156 करोड़ का ‘विकास लेखा-जोखा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत आंकड़े काशी में हुए विकास की व्यापकता को दर्शाते हैं। करीब 35,156 हजार करोड़ के विकास कार्य, 486 परियोजनाएं पूरी, 17,915 करोड़ की परियोजनाएं निर्माणाधीन. इन परियोजनाओं में सड़क, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन और नगर विकास जैसे सभी प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। मतलब साफ है यह निवेश केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि काशी के बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर में बदलाव की ठोस नींव है।
सड़कों से एयरपोर्ट तक, बदली कनेक्टिविटी
काशी में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है, 22,829 करोड़ से सड़क और राजमार्ग निर्माण, 127 बड़ी परियोजनाएं पूर्ण, 5,813 करोड़ की परियोजनाएं निर्माणाधीन, 1,529 करोड़ से रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग परियोजनाएं पूरी.
रेलवे और एयरपोर्ट पर 4,934 करोड़ का निवेश
वाराणसी एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा है, जहां बड़े विमानों की लैंडिंग और नाइट ऑपरेशन की सुविधा मिल रही है. 4,934 करोड़ की नई परियोजनाएं प्रगति पर है. इन प्रयासों से काशी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ रही है। यह बदलाव काशी को देश-विदेश से जोड़ने में निर्णायक साबित हो रहा है।
स्मार्ट सिटी से डिजिटल और सुरक्षित काशी
करीब 8,870 करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत शहर को आधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 877.65 करोड़ की 34 परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनमें :- इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 720 स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी, सिगरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टाउनहॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 3डी डिजिटल मैपिंग, गोदौलिया मल्टीलेवल पार्किंग. यह परियोजनाएं काशी को स्मार्ट, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त बना रही हैं। मंत्री ने दावा किया कि इससे अपराध पर लगाम लगी है और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में अभूतपूर्व विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में : 1870 करोड़ से 43 परियोजनाएं पूर्ण. कैंसर इंस्टीट्यूट, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, बीएचयू में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कबीरचौरा में मातृत्व विंग, बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल सेंटर. नए अस्पताल और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं. जबकि शिक्षा क्षेत्र में : 512 करोड़ से 32 परियोजनाएं पूर्ण. 30 नए डिग्री कॉलेज, 20 आईटीआई और 31 पॉलिटेक्निक संस्थान स्थापित. यह बदलाव केवल सुविधाओं का नहीं, बल्कि मानव संसाधन विकास का आधार बन रहा है।
पर्यटनः आध्यात्म से वैश्विक पहचान तक
काशी के धार्मिक स्वरूप को आधुनिक पर्यटन से जोड़ा गया है, जिसमें पर्यटन विकास में 721 करोड़ से 30 परियोजनाएं पूरी हुईंः श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, नमो घाट अंतरराष्ट्रीय आकर्षण बना, सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो, प्रमुख मंदिरों और घाटों का सौंदर्यीकरण, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग विकास, स्वर्वेद ध्यान केंद्र. आज काशी केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन हब बनती जा रही है। या यूं कहे इन परियोजनाओं ने काशी को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बना दिया है।
ऊर्जा, जल और शहरी सुविधाओं में सुधार
1100 करोड़ से विद्युत सुधार और 3722 मजरों का विद्युतीकरण. 220 केवी उपकेंद्र और बायो-सीएनजी प्लांट. 1000 करोड़ से अधिक की पेयजल व सीवरेज परियोजनाएं पूर्ण. 2100 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर है.
युवा और खेल : नए अवसरों का विस्तार
गंजारी में 150 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, 100 एकड़ में काशी स्पोर्ट्स सिटी टाउनशिप. सिगरा स्टेडियम, शूटिंग रेंज और छात्रावास निर्माण. अन्य आधुनिक खेल सुविधाएं. इससे स्थानीय युवाओं को बड़े मंच और अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। 48 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर योजना, 58 विभागों को एक भवन में लाने हेतु एकीकृत कार्यालय परिसर.
जनकल्याण योजनाओं का व्यापक लाभ
मंत्री ने बताया कि विकास केवल ढांचागत नहीं, बल्कि सामाजिक भी है : 3,05,823 किसान पीएम किसान सम्मान निधि से लाभान्वित. 38,167 परिवारों को पीएम आवास योजना. 2,84,918 शौचालयों का निर्माण. 70,047 महिलाओं को पेंशन. 1,28,120 वृद्धजनों को पेंशन. 22,878 दिव्यांगजनों को सहायता व 12,34,995 आयुष्मान कार्ड जारी किया गया है. यानी बिचौलियों की भूमिका खत्म. यह योजनाएं गरीब और कमजोर वर्ग के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में अहम साबित हो रही हैं। इसके अलावा उज्ज्वला, स्वनिधि, कन्या सुमंगला और युवा सशक्तिकरण योजनाओं से लाखों लोगों को लाभ मिला।
स्वास्थ्य सुरक्षा और रोजगार
12 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड, 5 लाख तक मुफ्त इलाज. युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन. कारीगरों के लिए विश्वकर्मा योजना.
कानून व्यवस्थाः भय से विश्वास तक
मंत्री ने कहा कि एक समय था जब अपराधियों का दबदबा था और व्यापारी पलायन कर रहे थे। आज स्थिति बदल चुकी है, कानून का राज स्थापित. निवेश का माहौल बेहतर. व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित.
आर्थिक विकास : दोगुना हुआ काशी का जीडीपी
2017 में जीडीपी 22,586 करोड़, वर्तमान डीजीपी 51,036 करोड़ रुपये. प्रति व्यक्ति आय : 1,03,354. यह आंकड़े काशी की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं। यह वृद्धि न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब लोग काशी छोड़ने के बजाय यहां अवसर तलाश रहे हैं।
विरासत और विकास का संतुलन ही नई पहचान
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि काशी में विकास की यह यात्रा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनजीवन में बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “योगी सरकार ने काशी को ऐसा मॉडल बनाया है, जहां विरासत और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।” इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, एमएलसी धर्मेंद्र राय, हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित रहे।



