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1 रुपये में जमीन, 2000 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट से एमपी-यूपी ने खोला भविष्य का खाका

काशी से विकास का महाऐलान : विश्वनाथ धाम-महाकाल समझौता, ओडीओपी पर ऐतिहासिक एमओयू, 284 करोड़ का यूनिटी मॉल, केन-बेतवा से बुंदेलखंड को राहत, निवेश, पर्यटन और रोजगार पर एक साथ बड़ा दांव

सुरेश गांधी

वाराणसी : काशी की पवित्र धरती मंगलवार को उस ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनी, जब मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने साझा विरासत को आधार बनाते हुए विकास, निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में एक व्यापक और दूरगामी साझेदारी का ऐलान किया। एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 में लिए गए फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा की जगह सहयोग की राजनीति नए भारत की दिशा तय कर रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम विश्व के सात पवित्र स्थलों में शामिल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से एक मजबूत और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों राज्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं और अब विकास के मोर्चे पर भी साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण और श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता रहा। इस करार से काशी और उज्जैन के बीच धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय खुलेगा। श्रद्धालुओं को बेहतर, सुगम और समन्वित दर्शन व्यवस्था मिलेगी, जिससे दोनों राज्यों में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ। इस पहल के तहत स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और जीआई टैग वस्तुओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है। इसी दिशा में उज्जैन में 284 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनाने की घोषणा की गई, जहां देशभर के ओडीओपी उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।

ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों राज्यों ने बड़ा कदम उठाया है। मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। यह परियोजना किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ उद्योगों को स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। जल और कृषि के क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को भी सम्मेलन में प्रमुखता दी गई। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए यह परियोजना जीवनरेखा साबित हो सकती है, जिससे सिंचाई और पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। निवेश को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने के लिए 1 रुपये की लीज पर 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुदान और आसान नीतियों की भी घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब नक्सल मुक्त राज्य बन चुका है। उन्होंने इसे विकास के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे उद्योगों और निवेशकों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। औद्योगिक और आर्थिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है और 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो चुकी है, जो स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का संकेत है।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश की ओर से भी एमएसएमई और ओडीओपी मॉडल की सफलता को साझा किया गया। राज्य में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में भी नई पहल की घोषणा हुई। मध्य प्रदेश ने ‘पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा’ और ‘हेली पर्यटन सेवा’ शुरू कर धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। साथ ही काशी और उज्जैन को जोड़ते हुए एक साझा धार्मिक सर्किट विकसित करने की योजना बनाई गई है।

सम्मेलन के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में दोनों राज्यों के शिल्पकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, गुलाबी मीनाकारी से लेकर महेश्वरी और चंदेरी वस्त्र तक, पारंपरिक कला और शिल्प की समृद्ध विरासत एक मंच पर दिखाई दी। मतलब साफ है काशी में आयोजित यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकास, निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक एकता का एक व्यापक रोडमैप है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की यह साझेदारी आने वाले समय में न केवल दोनों राज्यों, बल्कि पूरे देश के लिए एक नए विकास मॉडल के रूप में स्थापित हो सकती है।

ट्रस्ट एमओयू से सुगम दर्शन, साझा धार्मिक सर्किट की तैयारी
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी और उज्जैन के बीच एक नई कड़ी जुड़ गई है। काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच हुए एमओयू से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। दोनों राज्यों ने एक साझा धार्मिक सर्किट विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे काशी, उज्जैन और अन्य प्रमुख तीर्थ एक नेटवर्क में जुड़ेंगे। इससे पर्यटन उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा।

1 रुपये में जमीन, निवेशकों के लिए खुला निमंत्रण
मध्य प्रदेश ने निवेश आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए ₹1 में 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है। निवेशकों को ‘एंड-टू-एंड’ सपोर्ट, आसान मंजूरी प्रक्रिया और अनुदान जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे स्वास्थ्य और उद्योग दोनों क्षेत्रों में तेजी आने की उम्मीद है।

एमपी-यूपी मिलकर मुरैना में बनाएंगे बड़ा ऊर्जा हब
ऊर्जा क्षेत्र में दोनों राज्यों ने संयुक्त रूप से मुरैना में 2000 मेगावॉट का सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना किसानों को सस्ती बिजली और उद्योगों को स्थिर ऊर्जा उपलब्ध कराएगी। साथ ही यह हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड को नई जिंदगी
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई का विस्तार होगा और पेयजल की समस्या दूर होगी। यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगी।

एमपी-यूपी एमओयू, निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
ओडीओपी योजना के तहत दोनों राज्यों ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश में जहां 96 लाख डैडम् इकाइयां कार्यरत हैं, वहीं मध्य प्रदेश के 55 जिलों में ओडीओपी उत्पाद विकसित किए जा रहे हैं।

उज्जैन में बनेगा 284 करोड़ का यूनिटी मॉल
उज्जैन में बनने वाला यूनिटी मॉल मध्य भारत का सबसे बड़ा ओडीओपी हब होगा। यहां विभिन्न राज्यों के उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा जाएगा, जिससे कारीगरों को सीधा बाजार मिलेगा।

नक्सल मुक्त एमपीः विकास को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

हेली सेवा और एयर कनेक्टिविटी से पर्यटन को नई उड़ान
मध्य प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में हेली सेवा और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की पहल की है। इससे दूरस्थ धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी और पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

काशी में सजी शिल्प की विरासत, दो राज्यों की कला एक मंच पर
सम्मेलन में आयोजित प्रदर्शनी में दोनों राज्यों के शिल्पकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, मेटल क्राफ्ट, बांस शिल्प और चंदेरी वस्त्र जैसे उत्पादों ने सांस्कृतिक समृद्धि को उजागर किया।

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