
गर्मी में रेल यात्रियों को राहत: गोरखपुर से 87 समर स्पेशल ट्रेनें 1757 फेरों में संचालित, ‘रेल वन’ ऐप से टिकट और छूट
गोरखपुर। गर्मी के मौसम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से गोरखपुर से 87 समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन 1,757 फेरों में किया जा रहा है। इन ट्रेनों के जरिए देश के प्रमुख शहरों के लिए अतिरिक्त यात्रा विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में सहूलियत होगी।
देश के बड़े शहरों के लिए बढ़ी कनेक्टिविटी
रेलवे के अनुसार गोरखपुर से नई दिल्ली के लिए 52 फेरे, कोलकाता के लिए 6 फेरे, लालकुआं के लिए 28 फेरे संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मुंबई (बांद्रा टर्मिनस-26 फेरे, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-60 फेरे), गुवाहाटी (नारंगी-18 फेरे), योग नगरी ऋषिकेश (26 फेरे), हैदराबाद (8 फेरे) और वडोदरा (36 फेरे) सहित कई प्रमुख स्टेशनों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
रिकॉर्ड संख्या में चलाई जा रहीं विशेष ट्रेनें
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि इस बार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड संख्या में ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। ये ट्रेनें मुंबई, पुणे, नई दिल्ली, कोलकाता, आसनसोल, हैदराबाद, राजकोट, अंबाला, वलसाड, वडोदरा, जम्मूतवी, गुवाहाटी, अछनेरा, योग नगरी ऋषिकेश, हुब्बल्लि, सूरत और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ रही हैं।
‘रेल वन’ ऐप से टिकट बुकिंग और खास छूट
यात्रियों की सुविधा के लिए ‘रेल वन’ सुपर ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए ट्रेनों से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी आसानी से मिल रही है। इस ऐप में ‘मोबाइल यूटीएस’ सुविधा को भी शामिल कर दिया गया है, जिससे अब आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के टिकट ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं। अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं 14 जुलाई 2026 तक किराए का डिजिटल भुगतान करने पर भी 3 प्रतिशत की अतिरिक्त रियायत मिलेगी। ऐप डाउनलोड करने के लिए यात्रियों को प्ले स्टोर से ‘रेल वन सुपर ऐप’ इंस्टॉल कर अपने आईआरसीटीसी यूजर आईडी से लॉगिन करना होगा।
24 घंटे निगरानी के लिए बनाए गए वार रूम
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए मुख्यालय गोरखपुर के साथ-साथ लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडलों में वार रूम स्थापित किए हैं। इन वार रूम में अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे ट्रेनों और स्टेशनों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



