राजनीति

PM मोदी की अपीलों पर राहुल गांधी का हमला, बोले- ‘ये सलाह नहीं, सरकार की नाकामी का प्रमाण’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने और सोने की खरीद सीमित करने जैसी अपीलों पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ये अपीलें किसी दूरदर्शी नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि सरकार की विफलताओं का प्रमाण हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश को ऐसे मोड़ पर पहुंचा दिया गया है, जहां सरकार लोगों को यह बताने लगी है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं।

‘जनता से त्याग मांग रही सरकार’

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे — सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देती है ताकि खुद जवाबदेही से बच सके। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश चलाना अब “Compromised PM” के बस की बात नहीं रह गई है।

कार्ति चिदंबरम ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री की अपीलों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार को देश को बताना चाहिए कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बनीं कि लोगों से इस तरह की अपील करनी पड़ रही है।

उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और देश को भरोसे में लेना चाहिए। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि अचानक इस तरह की अपीलें करना उचित तरीका नहीं माना जा सकता।

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से कई अहम अपीलें की थीं। उन्होंने कहा था कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और ऊर्जा संकट को देखते हुए देशवासियों को संयमित जीवनशैली अपनानी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और कार-पूलिंग अपनाने की सलाह दी थी। इसके अलावा उन्होंने विदेशी यात्रा कम करने, एक साल तक सोने की गैर-जरूरी खरीद रोकने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की भी अपील की थी।

पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक खाद का उपयोग घटाने और प्राकृतिक खेती अपनाने की भी बात कही थी।

देशहित बनाम राजनीतिक हमला

प्रधानमंत्री की इन अपीलों को लेकर देश में दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वर्ग इसे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशहित से जुड़ा कदम बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे सरकार की आर्थिक और नीतिगत विफलताओं से जोड़कर देख रहा है।

अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इन आलोचनाओं पर क्या जवाब देती है और क्या इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होती है।

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