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PM मोदी के नीदरलैंड दौरे में बड़ा करार, ASML-टाटा समझौते से भारत में सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। नीदरलैंड्स की दिग्गज तकनीकी कंपनी एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच हुए इस करार से भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में अंतिम रूप दिया गया।

समझौते के तहत एएसएमएल भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्र के निर्माण और उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहयोग करेगी। कंपनी गुजरात के धोलेरा में विकसित किए जा रहे टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के प्लांट में अपनी अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराएगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में स्थापित की जा रही है।

अत्याधुनिक तकनीक से होगा माइक्रोचिप उत्पादन

एएसएमएल दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अत्याधुनिक लिथोग्राफी मशीनें तैयार करती हैं। कंपनी ने बताया कि इस परियोजना में हाई-टेक लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर तेज गति से माइक्रोचिप का उत्पादन संभव होगा।

इन चिप्स का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, मोबाइल फोन और अन्य आधुनिक तकनीकी उपकरणों में किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस साझेदारी से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकेगा।

11 अरब डॉलर के निवेश से तैयार हो रहा प्लांट

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह सेमीकंडक्टर संयंत्र करीब 11 अरब डॉलर के निवेश से विकसित किया जा रहा है। इस बड़े निवेश से देश में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

एएसएमएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ फूके ने कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में कंपनी को कई महत्वपूर्ण संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि एएसएमएल भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है।

भारत-यूरोप आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नीदरलैंड्स आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी हुआ है, जिसे यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला फोन डेर लाएन ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया था।

यूरोपीय संघ भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बड़े बाजार के रूप में देखता है, जबकि भारत यूरोप को उन्नत तकनीक और निवेश का अहम स्रोत मान रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती साझेदारी को आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

युवाओं के लिए खुलेंगे नए रोजगार के अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और अधिक ऊर्जा और निवेश जोड़ा जाएगा।

वहीं, नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब येटेन ने कहा कि डच कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में बड़े स्तर पर निवेश कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय प्रतिभाओं के लिए नीदरलैंड्स में भी संभावनाएं बढ़ेंगी।

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