
यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, यमुना एक्सप्रेसवे को 5 बड़े एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना, नोएडा बनेगा बड़ा कनेक्टिविटी हब
नोएडा: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे को राज्य के 5 प्रमुख एक्सप्रेसवे—आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बड़े कनेक्टिविटी हब के रूप में उभरने की ओर बढ़ेंगे।
ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक 37 किमी कॉरिडोर को मंजूरी
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 37 किलोमीटर लंबे सड़क विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर 8 लेन का होगा और सीधे हापुड़ तक एक्सप्रेसवे लिंक के साथ जुड़ जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन तेज होगा और यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का समय भी काफी कम हो जाएगा।
एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का नया मास्टर प्लान तैयार
राज्य सरकार की योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने का खाका तैयार किया गया है। इस पूरी कनेक्टिविटी को विकसित करने को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने समीक्षा बैठक में विस्तृत चर्चा की और परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
औद्योगिक और व्यापारिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना के लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल और यात्री परिवहन तेज और सुगम होगा, जिससे व्यापारिक अवसरों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट बनेगा ग्लोबल कार्गो हब
बैठक में यह भी बताया गया कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन के बाद पूरा क्षेत्र वैश्विक कार्गो हब के रूप में विकसित होगा। एयरपोर्ट को रेलवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है, जिससे दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा का समय लगभग 21 मिनट रह जाएगा।
4700 एकड़ में विकसित होगी नई अर्बन सिटी
परियोजना के तहत टप्पल-बाजना क्षेत्र में 4700 एकड़ भूमि पर आधुनिक अर्बन सिटी विकसित करने की योजना भी शामिल है। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे का विस्तार आगे बढ़कर हाथरस और आगरा तक किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।



