उत्तर प्रदेशराज्य

भीषण गर्मी से झुलसा बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, राहत के लिए दिन में ट्रैफिक सिग्नल ‘फ्री फ्लो’ मोड पर

बांदा: उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है और देशभर में सबसे अधिक तापमान दर्ज होने के साथ सुर्खियों में है। लगातार बढ़ते पारे और लू के थपेड़ों के बीच जिला प्रशासन ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शहर में अब पीक धूप के समय ट्रैफिक सिग्नलों को अस्थायी रूप से ‘फ्री फ्लो’ मोड पर संचालित किया जा रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज प्रजापति के अनुसार, दोपहर के समय चौराहों पर लोगों को लंबे समय तक रुकना न पड़े, इसके लिए ट्रैफिक सिग्नल का रेड लाइट चक्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत वाहनों को बिना रुके निकलने की अनुमति दी जा रही है, ताकि गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

पीक घंटों में लागू व्यवस्था, सुबह-शाम सामान्य ट्रैफिक

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल दिन के सबसे गर्म समय यानी पीक आवर्स में लागू रहेगी। सुबह और शाम के समय ट्रैफिक सिग्नल पहले की तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए छाते और स्कार्फ भी उपलब्ध कराए गए हैं।

शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी शेल्टर भी बनाए गए हैं, ताकि लोग तेज धूप से बच सकें।

46.4 डिग्री तापमान से बेहाल हुआ जनजीवन

बांदा में तापमान लगातार सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन गर्म हवाओं और लू की वजह से लोगों को कोई राहत नहीं मिली।

दिनभर तेज धूप और लू के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहिया वाहन चालक अंगोछा और कपड़ों से खुद को ढककर सफर करते नजर आए।

बाजारों में सन्नाटा, सड़कों पर कम दिखे वाहन

भीषण गर्मी के चलते शहर के खुले बाजारों में लोगों ने शटर गिराकर ही कामकाज किया। दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आईं, जबकि ई-रिक्शा और ऑटो की आवाजाही भी बेहद कम रही। शाम ढलने के बाद ही लोग घरों से बाहर निकले।

गर्मी के साथ-साथ धूल भरी तेज हवाओं ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बांदा और आसपास के कुछ जिलों को रेड अलर्ट श्रेणी में रखा गया है, जबकि अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद तापमान और बढ़ सकता है। अनुमान है कि 28 मई तक हीटवेव से राहत मिलने की संभावना नहीं है और शुष्क हवाएं स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं।

Related Articles

Back to top button