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पश्चिम यूपी में तेज आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, 80 किलोमीटर की स्पीड से चली हवा

आंधी और तूफान से बुलंदशहर में मोबाइल टावर टूटकर गिरा, मेरठ में आम के बाग में तबाही

मेरठ/बुलंदशहर/बिजनौर/बागपत। पश्चिम यूपी के जिलों में मौसम बदला है। देर रात आए आंधी-तूफान और बारिश ने चारों तरफ तबाही मचा दी। मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के कारण आम के बाग में भीषण तबाही हुई है। दर्जनों पेड़ आंधी में गिर गए हैं। बुलंदशहर के अनूपशहर में मोबाइल टावर टूटकर एक मकान की छत पर गिरा है। कई शहरों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
देर रात दो बजे बदला मौसम का मिजाज
देर रात करीब दो बजे पश्चिम यूपी में मौसम का मिजाज बदल गया। जिससे 80 किलोमीटर की रफ्तार से चली आंधी ने चारों तरफ तबाही मचा दी। हाईवे पर यातायात रूक गया। बुलंदशहर के वलीपुरा नहर के नए पुल के पास हाईवे पर विशाल पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को हटाया जा सका। जिसके बाद यातायात सुचारु हुआ। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थीं।
तेज हवा की चपेट में आने से मोर की मौत
तेज तूफान के कारण बुलंदशहर के अनूपशहर में एक मोबाइल टावर एक मकान की छत पर गिर गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, जिले के कई हिस्सों से पेड़ गिरने और तेज हवा की चपेट में आने से मोर की मौत हो गई है।
तूफान की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तूफान की रफ्तार लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। उन्होंने अगले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम में उतार-चढ़ाव और आंधी-बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और पेड़ों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की है।
लावड क्षेत्र के गांव महलका में तूफान का केंद्र
मेरठ में चक्रवाती तूफान ने जमकर कहर बरपाया। एक तरफ जहां शहरी क्षेत्र में हवा के साथ बूंदाबांदी रही। वहीं देहात क्षेत्र में सकौती, दौराला, लावड व महलका क्षेत्र में चक्रवाती तूफान ने कहर बरपाया। लावड क्षेत्र के गांव महलका में तूफान का केंद्र था। जिस वजह से सबसे ज्यादा तबाही इस क्षेत्र में आम के बागों में देखने को मिली। जिस आम के बाग में 70 पेड़ फलों से लदे हुए थे। उनमें से 50 पेड़ इस तूफान में धराशाई हो गए। जिस वजह से लाखों का नुकसान बाग मालिक को हुआ है।
मेरठ शहर में बारिश हुई लेकिन देहात क्षेत्र सूखा रहा। ऐसे में तापमान के अधिक दबाव के कारण चक्रवाती तूफान बना और क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया। बताया गया कि चक्रवाती तूफान का केंद्र बिंदू आम का बाग रहा। तूफान में बाग के तकरीबन 50 फल से लदे पेड़ टूटकर जमीन पर गिर गए। किसान को जहां भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में तकरीबन डेढ़ सौ से ज्यादा बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। ऐसे में क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

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